अजीत कुमार सिंह
ओबरा (सोनभद्र) बिल्ली-डाला रेलवे क्रॉसिंग की रेलवे लाइन चोपन, सलईबनवां, ओबरा डैम रेलवे-स्टेशन होते हुए, चार प्रदेशों को ट्रेन जाती है। ओबरा डैम जाने वाली रेलवे लाइन कोयला खनिज लदी मालगाडी ट्रेन आवागमन के कारण व्यस्त रहती है। हर घंटे पर मालगाड़ी, सवारी गाड़ी गुजरने के कारण बिल्ली-डाला रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से लोग परेशान होते हैं, रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगना आम बात हो गई है। दिन में कई बार जाम लगने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ओवरब्रिज निर्माण को लेकर चर्चा की। क्योंकि रेलवे क्रासिंग पर बने गेट अक्सर दोनों नगरों के आवागमन में बाधा पैदा करता है। लोगों की भी यह मांग है कि इससे उनके समय का नुकसान होता है। क्षेत्र में आने जाने वाली रेलों की संख्या बढ़ी है,जिस वजह दोनों कस्बों के बीच यह रेलवे क्रासिंग का गेट अक्सर बंद रहने से यहां के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस वजह से अब ओवरब्रिज निर्माण आवश्यक हो गया है।दोनों नगर को मिलाकर यहां पर नगर पंचायत है। इस कारण आवागमन 24 घंटे चलता है। नगर के मध्य रेलवे लाइन होने से आवागमन बाधित होता है
जो कि उत्तर प्रदेश से बिहार,झारखंड,मध्य प्रदेश,जबलपुर, की ओर जाता है इस रेलवे गेट के बार-बार बंद होने से यातायात के साथ मानव जीवन में प्रभावित होता है।

दोनों नगर के शैक्षणिक संस्थाएं शासकीय महाविद्यालय ओबरा-डाला, शासकीय कन्या विद्यालय कॉन्वेंट स्कूल, कई विद्यालय बालक छात्रावास, प्राइवेट स्कूल, कोचिंग बालिका छात्रावास और अन्य ओबरा थर्मल पावर परियोजना,अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी, ए.सी.सी सीमेंट कंपनी एवं बोल्डर खदान संस्थाएं हैं। जिससे शैक्षणिक संस्थाओं में अध्यापकों छात्र-छात्राओं व शिक्षकों,शासकीय कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारी,प्राइवेट कर्मचारी,
व्यापारियों को आने जाने में परेशानी होती है, शिक्षा और कर्मचारी के लिए नियमित जिससे लोग अपने मुकाम पर समय पर नहीं पहुंच पाते हैं।

स्वास्थ्य सुविधा की वजह से जरूरी है ओवरब्रिज
मरीजों, प्रसूताओं को स्वास्थ्य केंद्र लाने ले जाने के लिए भी बार-बार रेलवे फाटक बंद होने से कठिनाई और परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर गेट बंद होने से तुरंत उपचार नहीं मिलता है तो जान पर आ पड़ती है। समय-समय पर इन समस्याओं को जनता ने उठाया है। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रामप्यारे सिंह, समाजसेवी महेश अग्रहरी, अशोक जायसवाल,दीपांकर , आदित्य प्रताप सिंह,भानु प्रताप, राजू राव,रजनीश तिवारी,संकट मोचन झा, अनिल कुमार,मनोज कुमार, श्याम चौधरी, बीरसा ,छोटे भारती, छात्र नेता अभिषेक अग्रहरी,आदि ने बताया की ओवर ब्रिज या अंडर पास बन जाए तो समस्या हल हो सकती है, लेकिन रेलवे इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

















