तेज रफ्तार वाहनों से बढ़ रहे सड़क हादसे, ओवर-स्पीडिंग सड़क हादसों का बन रहा है मुख्य कारण

HIGHLIGHTS

  • तेज रफ्तार लगा रही जिंदगी की गाड़ी में ब्रेक


अजीत कुमार सिंह


सोनभद्र। जिले में तेज रफ्तार वाहन जिंदगी की गाड़ी में ब्रेेक लगा रहे हैं। वाहनों की तेज गति की वजह से होने वाले हादसों में लोगों की जान चली जाती है। जिले में साढ़े तीन महीने में लगभग 50 मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है। मौत के बाद भले ही कानूनी कार्रवाई होती रहे, लेकिन दुनिया को छोड़ देने वाले व्यक्ति का परिवार खालीपन को कभी नहीं भर पाता।

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हादसे में मरने वाले के आश्रित जीवनभर दिक्कतों से जूझते रहते हैं, मुआवजे के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ता है। तंग सड़कों पर वाहनों की स्पीड पर स्वत: ही लगाम हुई थी। अब सड़केें बेहतर हैं तो वाहनों की गति बढ़ रही है। साथ में बढ़ रहे सड़क हादसे। मामला पुलिस में पहुंचता है तो तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग करना कागजों में लिख दिया जाता है। यह सिर्फ कागजों में ही तस्दीक नहीं हो रहा, बल्कि वाहनों को तेज गति में दौड़ाया जा रहा है।

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बताते चलें कि निर्धारित है रफ्तार लेकिन…शहरी क्षेत्र से होकर निकले वाहन पर 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार निर्धारित है। लेकिन इसके बाद भी इन स्थानों पर 50 से 70 की स्पीड में दौड़ लगाते हुए वाहनों को देखा जा सकता है। सड़कों के बीचों-बीच में तेज रफ्तार में दौड़ लगाने वाले यह वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

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शारदा मंदिर से गजराज नगर डाला रेलवे क्रॉसिंग तक तीन विद्यालय है और उसी रास्ते पर तेज रफ्तार से बोल्डर वाहन 50-70 की रफ्तार से बोल्डर लेकर दौड़ रहे हैं।भागम भाग की इस दौड़ में सबको अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचने की जल्दी होती है। किसी को दफ्तर जाने की जल्दी है तो किसी को स्कूल और कॉलेज जाने की जल्दी है। ऐसे में कुछ लोग अनजाने में यातायात नियमों की हवा निकाल रहे हैं। तो अधिकांश लोग जानबूझ कर नियमों को ताक पर रख कर यातायात व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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चिंतित तो वैसे लोग हो रहे हैं जो अपने यातायात नियमों का पालन कर पूरी सावधानी से वाहन चलाते हैं और सामने वाले नियमों को ताक पर रखते हुए ट्रिपर बोल्डर वाहन खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए सायं सायं निकल जाते हैं। लिहाजा हादसों के कारण असमय ही लोगों की जान जा रही है। विशेषज्ञों व आंकड़ों की बात करें तो अधिकांश सड़क हादसे यातायात नियमों का उल्लंघन से ही होते हैं।

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भीड़ से बचने के लिए किसी भी दिशा में वाहन चलाने की बात हो या बगैर नंबर प्लेट वाहन चलाना दोनों ही शान की बात बन गई है। लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में बेलगाम दौड़ रहे वाहनों पर रोक लगनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह तेज रफ्तार पर सख्ती से लगाम कसे। ताकि शहरी क्षेत्र की घनी आबादी वाले इलाके से वाहन धीमी गति में गुजरें, जिससे हादसा होने की आशंका न रहे। वहीं तेज गति से वाहन चलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। गौर करने की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुखिया का भी निर्देश है कि ओवरलोड चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं लेकिन कार्रवाई तो दूर सेटिंग होने से यह बेखौफ होकर दौड़ते हुए देखें जा सकतें हैं।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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