सोनभद्र। बरैला महादेव मंदिर पर पांचवें वर्ष में चल रहे अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं श्री राम कथा ज्ञान महायज्ञ के यज्ञ आचार्य पंडित सौरभ भारद्वाज ने बताया कि रात्रि कालीन प्रवचन में आजमगढ़ से पधारे प्रवक्ता पंडित बाल गोविंद शास्त्री ने श्री राम सीता के विवाह के वर्णन में बताया कि जितने अभिमानी राजा थे कोई भी पिनाक धनुष को नहीं तोड़ पाया क्योंकि महादेव के समक्ष अभिमान बिल्कुल पसंद नहीं है श्री राम चंद्र के हाथ से धनुष भंग हुआ क्योंकि

भगवान श्री राम अपने गुरु माता-पिता देवताओं की प्रति ऋषियों के प्रति सदा प्रेम भाव था अभिमान नहीं था एक और कारण बताया धनुष टूटकर समाज में यह बताने का प्रयास किया कि व्यक्ति धर्म के लिए अपने टूट जाए लेकिन धर्म की स्थापना होनी चाहिए

जो अपने टूट कर शक्ति और शक्तिमान को जोड़ दिया उसे श्रेष्ठ कोई नहीं हो सकता इसलिए पिनाक धनुष महान है, जब ते ब्याही राम घर आए, नित नव मंगल मोद बधाए अरशद भगवान श्री राम जब अयोध्या में आए तो नित्य मंगल होने लगा गीत संगीत बजने लगा भव्य वर्णन सुनकर हुए प्रसन्न काशी से पधारी दीपिका पांडे मानस गंगा जी के द्वारा फुलवारी प्रसंग सुनाया गया, कंकंन किंकिंनि नुपुर धुन सुनी इस मौके पर नगर के प्रतिष्ठित डॉक्टर कुसुमाकर श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, संदीप कुमार सिंह, इंजीनियर अखिलेश चतुर्वेदी, श्रवण कुमार पांडे, जितेंद्र त्रिपाठी, पिंटू पांडे, माताजी मुठेर आदि लोग मौजूद रहे।
























