सोनभद्र। शनिवार को पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक एस.के सिंह ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कराए गए कार्यों का जांच किया। उन्होने कहा कि सोनभद्र की पंचायती राज विभाग द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों में लापरवाही की शिकायत मिली थी। इन्होंने चोपन ब्लाक के पनारी और म्योरपुर ब्लाक के पिंडारी गांव में जांच किया।

दो अन्य गांवों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ कमियां जरूर मिली है। जिसकी अलग से रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। दो दिवसीय दौरे के तहत पहुंचे संयुक्त निदेशक, एसएलडब्लूएम में कराए गए कार्यों की जाँच कर रहे पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक एसके सिंह ने बताया की (एसएलडब्लूएम) सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कराए गए कार्यों जैसे कूड़ा निस्तारण के तहत बनाये गए केंद्र तथा नालियों आदि का निर्माण पंचायती राज विभाग द्वारा कराया गया था।

इसके तहत कार्यों के अनियमितता की शिकायत थी। इन कार्यों को ओडीएफ प्लस के कार्य भी कहा जाता है। संयुक्त निदेशक ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने म्योरपुर ब्लाक के पिंडारी गांव और चोपन ब्लाक के पनारी गांव का दौरा किया था। जहां पर उन्हें कुछ कमियां मिलीं थी। जिनमें सुधार का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में वह एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को अलग से सौंपेंगे।

गाँवों के कराए गए कार्यों का लिया जायजा सोनभद्र शनिवार को भी राबर्ट्सगंज ब्लॉक के कुछ गांव का दौरा करके वहां कराए गए कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अभी शिकायत मिली थी कि मजदूरों के मजदूरी का भुगतान उनके खातों में नहीं किया गया है। इस बात की भी वह जांच कर रहे हैं पूरी जांच के बाद वह रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। बता दें कि पंचायती राज विभाग द्वारा संयुक्त निदेशक के दौरे को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। दौरे की जानकारी विभाग की तरफ से नही दी गयी थी। शनिवार को जांच पूरी करने के बाद संयुक्त निदेशक एस के सिंह वापस लखनऊ लौट गए।





















