राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ के प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री अशोक कुमार अवाक ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेन्द्र देव को पत्र लिखकर यह माॅंग किया है कि कि शासन द्वारा सीधी भर्ती के 219 प्रधानाचार्यों(पी.ई.एस.) की नियुक्ति के फलस्वरुप पद से विरत हुए ऐसे प्रधानाध्यापक जो अद्यतन प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे थे, का अविलम्ब पदस्थापन किया जाए।

प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री का कहना है कि शिक्षा निदेशक के द्वारा काउंसलिंग करा दिए जाने एवं विकल्प माॅंग लिए जाने के बावजूद अभी तक ऐसे प्रधानाध्यापकों का पदस्थापन किसी विद्यालय में नहीं हो पाया है। इस सम्बन्ध में मूल संघ के पत्रांक:प्रधा.पदस्थापन/211/2023-24 दिनांक:21-10-2023 द्वारा पूर्व में की गई माॅंग पर अद्यतन कोई कार्यवाही नहीं किया जाना, खेदजनक है।

इस प्रकरण में कुछ प्रधानाध्यापक न्यायालय की शरण में गए हैं किन्तु बड़ी संख्या में प्रभावित प्रधानाध्यापक शासन द्वारा पदस्थापन की राह देख रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों से सम्बद्ध ऐसे सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन माह अक्टूबर 2023 से ही अवरुद्ध होने के परिणामस्वरूप वे घोर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं तथा उनके सामने जीवन-यापन की समस्या खड़ी हो गई है।

लगभग 8 प्रधानाध्यापक ऐसे हैं जो इसी 31मार्च ,2024को सेवानिवृत्त हो जाऍंगे। सेवानिवृत्त होने से पूर्व यदि उन्हें कोई विद्यालय आबण्टित नहीं किया जाता है तो सेवानिवृत्ति के उपरान्त अनुमन्य विभागीय लाभ/सुविधाऍं उन्हें समय से प्राप्त नहीं हो पाऍंगी।

अतः मूल संघ की माॅंग है कि आगामी परिषदीय परीक्षा:2024 को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे सभी प्रधानाध्यापकों (जिनका प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन नहीं है) को अविलम्ब राजकीय हाई स्कूलों में पदस्थापित किया जाए जिससे कि परिषदीय परीक्षा:2024 में उनके अनमोल अनुभव का लाभ विभाग को प्राप्त हो सके।



















