सोनभद्र। मकर सक्रांति के अवसर पर सोमवार को श्री राम दरबार अखाड़ा समिति द्वारा श्रीराम जानकी मंदिर विजयगढ़ पेट्रोल पंप के सामने खिचड़ी सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नगर के सभी वर्ग के लोगो ने बढ़चढ़ के शामिल हुए और प्रभु श्रीराम जी के दरबार में प्रसाद लाई,चूड़ा, ढूंढा, तिलपट्टी,बादाम पट्टी,और खिचड़ी, ग्रहण किया।


श्री राम दरबार अखाड़ा समिति के अध्यक्ष धरमवीर तिवारी जी ने खिचड़ी के बारे में बताया की खिचड़ी क्यों मनाया जाता हैं , इसी तरह से खिचड़ी बनाई। इसलिए हर साल मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाई जाती है और बाबा गोरखनाथ को भोग लगाया जाता है। इसके बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने के साथ ही दान करने का भी महत्व है.
जब सूर्य देव शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। सूर्य और शनि पिता-पुत्र हैं।

शनि अपने पिता सूर्य को शत्रु मानता है, लेकिन एक मान्यता ये है कि मकर संक्रांति पर सूर्य अपने पुत्र शनि देव से मिलने उसके घर जाते हैं। श्रवण जी ने कहा व्रत चंद्रिका उत्सव अध्याय क्रमांक 34 के अनुसार, संस्कृत भाषा में संक्रान्ति अथवा संक्रमण का अर्थ एक स्थान से दूसरे स्थान को जाना होता है।

अतः मकर नाम की राशि में सूर्य के प्रवेश करने को ‘मकर संक्रान्ति’ कहते हैं। इस अवसर पर मुख्य रुप से प्रमोद गुप्ता, आनन्द मिश्रा, रविन्द्र केशरी, प्रवीण सिंह, नरेंद्र गर्ग, विकास मित्तल, विनोद केशरी, समाजसेवी अनुज केडिया, राहुल, सत्यम, योगेश, विनोद सोनी, मनीष अग्रहरी, शिवम झूरी, नीतू प्रशांत चौबे, अभिषेक गुप्ता, योगेश सिंह, छोटक सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



















