संजय केसरी
डाला, सोनभद्र। जनपद में हो रहे बालू खननकर्ताओ के मनमानी रवैये व मिली भगत की सुर्खियां इन दिनों चर्चाओं में सुर्खियों पर है। वही जिम्मेदार मौन धारण किए हुए है।
जहां सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने में लगी है वहीं सरकार की स्वछ छवि को जिम्मेदरान धूमिल करने में लगे है। जी हाँ जनपद में इन दिनों अगोरी रेणुका नदी, ब्रह्मुरी व खोखा के बालू साइडों पर नियमों को ताक पर रखकर मनमानी तरीके से भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

नियमानुसार बालू की साइडों में बड़ी पोकलेन मशीनों का प्रवेश वर्जित है। वही दिनदहाड़े अनियमितता को अंजाम दिया जा रहा है। जिसमे जिलाप्रशासन के साथ वन विभाग , खनन विभाग की सनलिप्तता की चर्चा खूब जोरों में चल रही है। और तो और दिन के आदेश के साथ पूरी रात्रि भर खनन जोरो पर चल रहा है। चिन्हित गाड़िया को पैसे कमाने की होड़ में ओवरलोड निकालना आम बात हो गया है। जिसकी सूचना जिला प्रशासन को ट्विटर के माध्यम व सोशल साइड के माध्यम से अक्सर अवगत कराया जा रहा है। परन्तु जिला प्रशासन मौन धारण किए हुए है ।

वही नदियों को एक छोर से दूसरे छोर तक बांधने से जलीय जीव जन्तु का अस्तित्व खतरे में पड़ गया और जंगली जानवरों को पानी की समस्या तथा किसानों को सिंचाई की मार भी झेलना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि नदी में पानी न आने के कारण हम किसानों को पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है उसका अंदाजा सरकार को नही है। जो भी क्षेत्र से प्रतिनिधि जीत कर जाते है, वादा तो बड़े बड़े करते है परन्तु उनका वादा सिर्फ चुनाव तक ही सिमित रहता है। इस तरह से नदी के साथ छेड़छाड़ करके किसानों को पेट पर लात मारना कहां का न्याय है।

अभी मछुआ विरादरी का धरना प्रदर्शन अपने हितों को लेकर कई अर्षो से चल रहा है। जिसकी सरकार ने संज्ञान भी लिया । पर इसका कोई असर देखने को नही मिल रहा।
इस सम्बंध में निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद ने बताया कि शिकायते कई बार जिला प्रशासन को दिया गया। परन्तु संज्ञान में नही ले रहे । मंत्री जी के आने पर इस सम्बंध में विचार किया जाएगा।




















