मजदूर की गैरत का दिया कैसे पूछेगा हालात ने तूफान में जलन सिखा दिया, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

अनपरा, सोनभद्र। बीते 16 दिसंबर की बर्फीली रात और शिशिर के प्रकंपन में खचाखच ,भरे श्रोताओं के बीच हिंदी विकास समिति अनपरा द्वारा आयोजित कब सम्मेलन अमिट छाप छोड़ गया। परंपरागत रूप से समिति द्वारा वरिष्ठ पत्रकार राहुल श्रीवास्तव को गणेश शंकर विद्यार्थी शिखर सम्मान और वरिष्ठ साहित्यकार उग्र भूमि एवं नागार्जुन परंपरा के सिद्धार्थ कवि एवं एनटीपीसी शक्ति नगर के वरिष्ठ राजभाषा प्रबंधक डॉक्टर ओमप्रकाश को नागार्जुन शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।

Advertisement (विज्ञापन)

अनपरा तापीय परियोजना का भाव परीक्षा गिरी जननायकों अधिकारियों सामाजिक सरोकारों से जुड़े समाज सेवायों एवं सुधी श्रोताओं की करतल ध्वनि एवं ठाकुरों से रात्रि 9:00 बजे से उषा कल तक घुसता रहा। मुख्य अतिथि इं आर सी श्रीवास्तव मुख्य महाप्रबंधक अनपरा तापीय परियोजना, इं आरके अग्रवाल महाप्रबंधक द तापीय परियोजना, इं दूधनाथ यादव महाप्रबंधक अ तापीय परियोजना,

Advertisement (विज्ञापन)

विश्राम बैसवार अध्यक्ष नगर पंचायत अनपरा, विजय शंकर चतुर्वेदी अध्यक्ष प्रेस क्लब सोनभद्र एवं मीनाक्षी श्रीवास्तव अध्यक्षा ज्योति पुंज महिला अनपरा व सचिव अभिलाष यादव द्वारा बिना अपनी मां सरस्वती की पूजा अर्चना के बाद राष्ट्रीय कवि कमलेश राजहंस के जादुई संचालन में गीतों की मलिका लखनऊ से पधारी सुफलता त्रिपाठी की वाणी वंदना सप्तश्वर शादी का ने की।

Advertisement (विज्ञापन)

राधिका के लिए हर सुमन का नमन हो गया ने श्रोताओं को भक्ति रस में शराबोर कर दिया, वाणी वंदना के बाद ठाकुर के बेताज बादशाह टीवी फेम लेटर बिना मध्य प्रदेश से पधारे सुनील समैया ने प्रथम पायदान पर ही श्रोताओं को हंसते-हंसते लोटपोट कर दिया। सुनील समैया के बाद वाराणसी से पधारी गीत गंगोत्री विभा शुक्ला की गीतों ने लोगों के हृदय की धड़कनों में स्थान बनाया ‘कंधा जी तेरी याद में हद से गुजर गए जीती हूं तुम्हें देखकर तुझ पर ही मर गए। तेरी नजर का तीर जो यह मुझ पर चल गया आंखों की झील में बड़े गहरे उतर गए।

Advertisement (विज्ञापन)

विभा शुक्ला के बाद विश्व विख्यात हास्य रस अवतार धार मध्य प्रदेश से पधारे जानी बैरागी के सिर पर चिता अंदाज पर श्रोता हंसते-हंसते लोटपोट ही नहीं हुई बल्कि सामाजिक विद्रूपताओं पर किए गए उनके अंदाज ने श्रोताओं को रोने के लिए मजबूर कर दिया। ‘मुझे ही नहीं सकती है यार मेरा वादा है क्योंकि यह लगी हुई काम और फैलाई हुई ज्यादा है,

Advertisement (विज्ञापन)

जानी बैरागी के बाद मैनपुरी से पधारे अंतरराष्ट्रीय गीत गंधर्व बलराम श्रीवास्तव ने अपने गीतों और मुक्तकों से खूब तालियां बटोरी ‘मिलकर हां में हां जीवन जिया तो क्या जिया तुमने किसी से छीन कर अमृत पिया तो क्या किया तुमने, बलराम श्रीवास्तव के बाद पन्ना से पधारे देश के वरिष्ठ व्यंगकार संतोष चनपुरिया द्वारा छोड़े गए बैंक बाहर नसर की तरह चूहा और मरहम की तरह राहत पहुंचा सुबह की शांति वार्ता के चीफ गेस्ट थे

Advertisement (विज्ञापन)

वे जो रात भर दंगाइयों के साथ रहे खैरियत पूछ रहे हो तो बता देते हैं हम वह बकरे हैं जो कसाइयों के साथ रहे श्री पुरिया के बाद स्वर कोकिला सुफलता त्रिपाठी के मुक्तको और गीतों ने जहां श्रोताओं को आह्लादित किया, वहीं उनके द्वारा प्रस्तुत सीता बनवास पर गीत ने लोगों की आंखों को आंसू पूरी भर दिया ‘राम तुम्हारी अवधपुरी में मैं ना वापस आऊंगी सुफलता त्रिपाठी के बाद शिक्षाविद प्रखर कबीर डॉ अजय विक्रम सिंह की कविताओं ने लोगों के दिलों में बैठकर चिंतन का एहसास कराया।

Advertisement (विज्ञापन)
Advertisement (विज्ञापन)

‘दिल में प्यार रख जिंदा यही बचता है यह जो देश के खातिर वही इतिहास रचता है। अजय विक्रम सिंह के बाद अपने राष्ट्रवाद के बल पर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले संचालक कमलेश राजहंस ने श्रोताओ की मांग पर अपने कालजई अंदाज में काव्य-पाठ किया, मैंने उसे फूलों पर टहलने सिखा दिया उसने मुझे सोलो पर चलना सिखा दिया मजदूर की गैरत का दिया कैसे पूछेगा हालत में तूफान में जलन सिखा दिया। अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार प्रखर कवि कलमकार डॉक्टर ओमप्रकाश ने अपनी संवेदना पर कविताओं से काव्य मंदिर पर काला शिखर स्थापित किया।

मैं मजदूर हूं मैं गली चौक चौराहा सड़क बस से लेकर रेल तक राशन की दुकान से राहत की अनगिनत कतार में हूं। इस अवसर पर सुरभि डॉक्टर अभय शंकर द्विवेदी, गजलकार इं जय नारायण गौतम राष्ट्रवाद के प्रखर कवि इं एलबी यादव ने भी काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन हिंदी विकास समिति के अध्यक्ष इं विनोद कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष इं भारत यादव, वरिष्ठ उपाध्याय इं पवन तिवारी, उपाध्यक्ष इं प्रवीण वर्मा, इं संजय कुमार, डॉ अजय विक्रम सिंह, सचिव आर एन तिवारी, उप सचिव इं के के पांडे, सह सचिव प्रभात पाठक, कोषाध्यक्ष अजय द्विवेदी,

सांस्कृतिक सचिव आरपी सिंह, संयुक्त सचिव अभय शंकर द्विवेदी, लेखानिरीक्षक अभय केसरवानी, प्रचार सचिव शुभम गुप्ता, नागेश रस्तोगी, मुख्य संयोजक कमलेश राजहंश, संयोजक इं एसपी यादव इं एलबी यादव, इं आरपी मॉल, इं उमेश पांडेय, दिलीप मिश्रा के अतुलनीय सहयोग से संपन्न हुआ। सम्मान समारोह का बेहतरीन संचालन एवं आभार संस्था के सचिव रंगनाथ तिवारी ने किया। इस अवसर पर आसपास के भारी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।

Advertisement (विज्ञापन)

Advertisement (विज्ञापन)
Advertisement (विज्ञापन)

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

Sanskriti Live is a news website. Where you can read news related to religion, literature, art, culture, environment, economic, social, business, technology, crime, agriculture etc. Our aim is to provide you with correct and accurate information. This news website is operated by Sanskriti Live News Network (OPC) Pvt. Ltd. If you want to join us, you can contact us on 7007390035 or info@sanskritilive.in.

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें