HIGHLIGHTS
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पखवाड़ा महिला एवं बाल हिंसा से सम्बन्धित विषय पर टॉक शो का आयोजन
- वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन, के सम्बंध में हुई चर्चा
- लिंग आधारित हिंसा, लिंग समानता, बाल विवाह व हेल्पलाइन नंबर विषय पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
- टॉक शो में सक्रिय प्रतिभाग करने वाली टीम को किया गया सम्मानित

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। वृहस्पतिवार को महिला बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री सुधांशु शेखर शर्मा के निर्देश मे मिशन शक्ति 4.0 के अन्तर्गत वन स्टॉप सेंटर लोढ़ी में टॉक शो कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया।

टॉक शो में इंद्रावतीकुमारी केस वर्क, सरोजमा सिंह प्रभारी, महिला थाना रॉबर्ट्सगंज, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष /सदस्य अखिल नारायण देव पांडे, रंजना चौबे किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ओम प्रकाश त्रिपाठी, जेंडर विशेषज्ञ साधना मिश्रा, केंद्र प्रशासक दीपिका सिंह, ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे की गरिमामयी उपस्थिति रही।

टॉक शो में प्रभारी, महिला थाना द्वारा गोष्ठी में महिला एवं बाल हिंसा से सम्बन्धित विषय पर चर्चा की गई तथा उत्तर प्रदेश पुलिस आपात सेवाएं 112 पर चर्चा की गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा वूमेन पावर लाइन 1090 पर चर्चा की गई। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री ओम प्रकाश त्रिपाठी द्वारा मिशन शक्ति 4.0 के अंतर्गत नारी सुरक्षा नई स्वावलंबन नारी सम्मान को लेकर की विशेष चर्चा की गई,

टॉक शो कार्यक्रम का संचालन करते हुए जेंडर विशेषज्ञ साधना मिश्रा द्वारा महिला हेल्पलाइन नंबर 181, स्वास्थ्य सेवा102, एम्बुलेंस सेवा 108, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं बाल विवाह विषय पर चर्चा किया गया। श्रीमती दीपिका सिंह द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर के विषय में जानकारी दी। गई।

टॉक शो में सक्रिय प्रतिभावान टीम को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उक्त टॉक शो कार्यक्रम के आयोजन में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा द्वारा आभार व्यक्त किया गया। टॉक शो को सफल बनाने में उमा चतुर्वेदी,आरती पाठक, तनू सिंह, नीलू यादव,रविन्द्र कुमार यादव,धर्मवीर सिंह, सीमा शर्मा, सत्यम चौरसिया, सुधा गिरि,अशु गिरि, अमन कुमार सोनकर, आकांक्षा, अनिल यादव एवं अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



















