RLD-Congress Leaders Joined BJP: पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. इसके साथ ही रालोद के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह ने भी भाजपा जॉइन किया है. इस बात की जानकारी पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा ने दी है.
Loksabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल को बड़ा झटका लगा है. रालोद के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रालोद मनजीत सिंह, वेद प्रकाश शास्त्री और आरिफ महमूद ने जयंत चौधरी का साथ छोड़ दिया है. इन सभी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. रालोद के नेताओं के अलावा पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल, पंचायत राज अधिकारी से सेवानिवृत उमा शंकर मिश्रा और कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह ने भी बीजेपी जॉइन कर ली है.

यूपी की 80 सीटों को जीतना है: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कई पार्टी के नेता, विधायक, सांसद आज भाजपा में शामिल हुए हैं. कार्यकर्ताओं के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकप्रिय नेता हैं. आज उत्तर प्रदेश के हालात बदल चुके हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश आज नंबर वन पर है. रोजगार देने वाले मामले में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हम सब लोगों को बहुत तैयारी करनी है उत्तर प्रदेश में 80 में से 80 सीट जीतना है.

जयंत चौधरी की पार्टी में घमासान
जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल में बीते कुछ महीनों से घमासान मच हुआ है. दो दिन पहले ही पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह, युवा रालोद के राष्ट्रीय सचिव अमित कुमार पटेल और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ महमूद ने पार्टी से इस्तीफा दिया था. इन सभी नेताओं का आरोप था कि पार्टी के सीनियर नेताओं की कार्यशैली ठीक नहीं है. इसके अलावा शीर्ष नेतृत्व ने भी किसानों की आवाज को उठाना बंद कर दिया है. इतना ही नहीं इन नेताओं का यह भी आरोप है कि पार्टी के कुछ नेता बेस वोट बैंक से नफरत करते हैं.

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष का दावा था कि सदस्यता की रसीदों के पैसे में हेरफेर किया गया है. हिसाब मांगने पर नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले मनजीत सिंह का कहना है कि रसीदों से उनका कोई मतलब नहीं है. रसीदों के प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष राम आशीष राय और सुरेन्द्र नाथ तिवारी हैं. उन्होंने एक राष्ट्रीय पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए.

गौरतलब है कि इसके पहले एक नवंबर को भी पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष शब्बीर अली और काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष नौशाद खान ने अनेक पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ दी थी. उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को अपमानित करने और उनकी बात न सुनने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि प्रदेश कार्यालय में प्रकोष्ठ के कार्यालय को भी खत्म कर दिया है.

