सोनभद्र। सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव महाराज का 554 वां प्रकाश उत्सव सोमवार को जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत दे सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजिया, कौन भले कौन मंदे के नारे लगते रहे। राबर्ट्सगंज नगर स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में प्रात:काल से लेकर दिनभर चहल-पहल और भक्तिपूर्ण माहौल बना रहा।

इस दौरान गुरुद्वारे को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां से नौ दिनों तक प्रभात-फेरी निकलती रही। इस अवसर पर शबत-कीर्तन का गायन किया गया। कार्यक्रम के समाप्ति पर लंगर का आयेाजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

दोपहर लगभग 2:30 बजे नगर में गुरु ग्रंथ साहब की शोभा यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि गुरु जी का जन्म ननकाना साहब वर्ष 1469 में हुआ। यह स्थान अब पाकिस्तान में है। कहा कि बैरागी रहते हुए नानक साहब ने पूरे देश का भ्रमण किया, और नानक पंथी गुरुद्वारों की स्थापना की।
इस मौके पर अजीत सिंह भंडारी, हरमीत सिंह, सरदार दया सिंह, सुखविंदर सिंह जसवीर सिंह, रंजीत सिंह अजीत सिंह, कमलेश सिंह बलकार सिंह, लखबीर सिंह, मनमीत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

वही विजयगढ़ पेट्रोल पंप के पास श्री राम दरबार अखाड़ा समिति के धर्मवीर तिवारी के नेतृत्व में और सिविल लाइन रोड पर स्थित शिव शक्ति स्टील के बाहर लगे स्टॉल पर अजीत जायसवाल के नेतृत्व में गुरु ग्रंथ साहब की शोभा यात्रा का स्वागत अभिनंदन करते हुए अन्य सेवा कार्य किए गए।

दुद्धी : तहसील मुख्यालय पर गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिवाला एवं वार्ड संख्या दो के गुरुबाग गुरुद्वारा में विविध कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुद्वारा में सर्वप्रथम शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया।





























