सोनभद्र। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राबर्ट्सगंज के करौंदिया गांव में हरी झंडी दिखाई। इस दौरान आयोजित जनजातीय सम्मेलन में पात्रों को केंद्रीय योजनाओं से जुड़ी सौगात वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्षों में भारत को एक नई पहचान मिलने जा रही है। साथ ही भरोसा दिलाया कि देश के 147 करोड़ भारतवासियों के सहयोग से भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का दर्जा पा चुका होगा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और भारत की आत्मनिर्भरता को लेकर उनकी तरफ से बनाए गए प्लान का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान विरसा मुंडा की जयंती पर जिस संकल्प यात्रा की शुरूआत की गई है। उसका उद्देश्य यह है कि पिछले 10 सालों में केंद्र की तरफ से जो भी योजनाएं चलाई गई हैं, वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रत्येक पात्र को इसका लाभ मिले।

जो पात्र योजनाओं के लाभ से छूट गए हों, वह चिन्हित हों और योजनाओं के क्रियान्वयन की क्या स्थिति है उसकी उनकी पहुंच कहां तक है। इसके बारे में फीडबैक हासिल हो सके। अनुप्रिया पटेल ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए जनभागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा कि संकल्प यात्रा शुरू करने के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का यह स्पष्ट उद्देश्य है कि सभी भारतवासी, संकल्प पूर्ति में अनी भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि अगले 25 वर्षों लोगों के जीवनस्तर में गुणवत्तापूर्ण बदलाव के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सके।

देश से लें प्रेरणा, बिरसा मुंडा से लें लोकतंत्र को बनाए सशक्तः अनुप्रिया जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि लोगों को आजादी के महानायक भगवान विरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। स्वाधीनता के महानायक बिरसा मुंडा का जीवन हमें लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए अपने दायित्व को सजगतापूर्वक निभाने के लिए प्रेरित करता है। लोगों से आह्वान किया कि वह लोकतंत्र के सशक्तिकरण के अपने सजग नागरिक का दायित्व निभाते हुए देश 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।




































