HIGHLIGHTS
- सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के कार्यकर्ताओं से पीड़ितो ने बताई दर्द-
संतोष दयाल
सोनभद्र। म्योरपुर स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत गड़िया के बीयार बस्ती में फ्लोरोसिस बच्चो की मुस्कान और बुजुर्गो का सुख चैन छीन रहा है।आलम यह है कि शुद्ध पानी के अभाव में फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से बच्चो के दांत पीले हो रहे है और अधेड़ ,तथा बुजुर्गो के कमर झुकने लगे है।साथ ही पेट में गैस बनना, जोड़ो ने दर्द से लोग परेशान है।बुधवार को सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गांव का दौरा किया।और पीड़ितो का हाल जाना।पीड़ितो ने बताया की 1960 में हमारे पूर्वजों को रिहद से विस्थापित कर बसाया गया था तब से हम लोग यही जीवन बिता रहे है लेकिन पिछले 25 वर्षो से हमारे हड्डियों में अकड़न और दर्द शुरू हो गया है जो अभी तक बना हुआ है।स्थिति यह है कि अब हम हम लोग खुद से खड़े हो पाते है ना ही चल फिर पाते है।52 वर्षीय लाले राम, 46 वर्षीया केवला देवी, 50 वर्षीय राम जानकी देवी, 14 वर्षीय विवेक, 13 वर्षीय प्रीति, 15 वर्षीय संतोषी, ग्राम पंचायत रास पहरी सावित्री 25 वर्षीय सावित्री पिछले 25 वर्षो से चारपाई पकड़ ली है 35 वर्षीय संतोष के दोनो पैर की हड्डियां टेडी हो चुकी है वही 60 वर्षीय मान कुमारी लाठी के सहारे चलती है। संतोष ने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी से निजाद के लिए बस्ती सोलर आरो प्लांट जल निगम ने लगवाया है जो एक महीने से खराब है।जिसकी शिकायत बुधवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर 1076 के माध्यम से की गई है।वही गड़िया के ग्राम प्रधान प्रेमचंद यादव ने बताया की सोलर फ्लोराइड रिमूवल प्लांट के लिए तीन महीना पहले बोरिंग हुआ है लेकिन ठेकेदार अभी तक प्लांट नही लगाया है यही हाल पड़री ग्राम पंचायत का भी है।यहां भी बोरिंग कर छोड़ दिया गया है और ग्रामीण दूषित पानी से प्यास बुझाने पर विवस है।














