विनय कुमार श्रीवास्तव
सोनभद्र। उत्तरप्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन UPYSA के महासचिव ने आचार्य विपिन कुमार ‘पथिक’ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि उत्तरप्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन UPYSA उत्तर प्रदेश सरकार के सोसाइटी पंजीयन एवं चिट्स के तहत रजिस्टर्ड संस्था है।संस्था योग एवं योगासन खेल के प्रसार के लिए स्वतंत्र रूप से सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश में कार्य करने के लिए अधिकृत है।

हमारी रजिस्टर्ड संस्था UPYSA नें रोहित कौशिक निवासी –
थोरा गांव, ज़ेवर,जी. बी. नगर यू.पी. एवं पीयूष कांत मिश्रा निवासी – लखनऊ पर रजिस्टर्ड संस्था उत्तरप्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन की छवि को अपने सोशल मीडिया अकाउंट व्हाट्सप्प आदि से धूमिल करने का घृणित कृत्य किया है। जिससे संस्था नें इन पर मानहानि वाद का मुकदमा दर्ज कराया है।

क्योंकि ये लोग अपने घृणित मानसिकता ईर्ष्या द्वेष में हमारी रजिस्टर्ड संस्था के कार्यक्रमो के जारी पोस्टर फर्जी और फेक लिखकर अपने सोशल मीडिया अकॉउंट से पोस्ट करते रहते है एवम कार्यक्रमो का दुष्प्रचार करते रहते है जिससे संस्था को भारी आर्थिक और समाजिक क्षति उठानी पड़ती है।

रोहित कौशिक नें हमारी संस्था के नाम से फर्जी उत्तरप्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन संस्था बना लीं और लोगों में हमारी रजिस्टर्ड संस्था को दुष्प्रचारित किया है एवं योग जैसे पवित्र क्षेत्र को कलंकित करने का कार्य किया है।

हमारी रजिस्टर्ड संस्था UPYSA वर्किंग कमेटी नें हमारे कई कार्यक्रमो के निरस्त होने से हुए आर्थिक नुकसान का बेसिक आकलन बीस लाख किया है, जो ज्यादा भी हो सकता है।
माननीय कानपुर न्यायालय में UPYSA नें रोहित कौशिक और पीयूष कांत मिश्रा पर 20,000,00/ लाख का मानहानि वाद का मुकदमा दर्ज कराया है।
जिससे संस्था के आर्थिक नुकसान की भरवाई की जा सके।
हालांकि सामाजिक क्षति की भरपाई इससे कहीं ज्यादा है। जिसे रुपयों से पाटा नहीं जा सकता है।










