HIGHLIGHTS
- वनवास का दृश्य देख भाव विभोर हुए भक्त
- रामलीला मैदान में रही दर्शको की भारी भीड़

(जिला संवाददाता)
Contact no. 6389376273
सोनभद्र। श्रीराम वनवास का प्रसंग ही ऐसा था कि बृहस्पतिवार की रात नगर के रामलीला मैदान पर तमाम भक्तों की पलकें बोझिल हो रही थी। कैकेयी के कठोर वचन सुनकर राजा दशरथ गम के सागर में डूब उतरा रहे थे। देर रात तक प्रसंग के मंचन के दौरान कई बार मार्मिक दृश्य उत्पन्न हुए।

सुनहु प्रानप्रिय भावत जी का, देहु एक बर भरतहि टीका। मांगउं दूसर बर कर जोरी, पुरवहु नाथ मनोरथ मोरी।।
‘ कैकेयी राजा दशरथ से अनुरोध करती है कि तपस्वियों के वेश में विशेष उदासीन भाव से राम चौदह वर्ष तक वन में निवास करें।

‘तापस वेष बिसेषि उदासी, चौदह बरिस रामु बनबासी’ राजा सहम गए। उनसे कुछ कहते हैं न दोनों नेत्र बंद कर ऐसे सोचने लगे मानो साक्षात सोच ही शरीर धारण कर सोच रहा हो। प्रचंड क्रोध से जलती हुई कैकेयी इस प्रकार दिखायी पड़ी मानो क्रोध रूपी तलवार नंगी खड़ी हो। कुबुद्धि उस तलवार की मूठ है। निष्ठुरता धार है और वह कुबरी रूपी सान पर धार कर तेज की हुई है। यह सब समाचार सुनकर अयोध्यावासी सिर धुनकर पछता रहे है। मानों बिना पंख के पक्षी व्याकुल हो रहे हो।

लागति अवध भयावनि भारी, मानहुं कालराति अंधियारी’ :
श्रीराम जी के वियोग में सभी व्याकुल होकर जहां तहां खड़े हैं। मानों तस्वीरों में लिख कर बनाये गये हो।
‘राम बियोग बिकल सब ठाढ़े, जहं-तहं मनहुं चित्र लिखि काढ़े’।
वनपथ पर श्रीराम सीता और लक्ष्मण को देख कर गांववासी कहने लगे राजा ने अच्छा ही किया। इसी बहाने हमें भी दर्शन का लाभ मिल रहा है। निषादराज अगवानी कर श्रीराम के ठहरने की व्यवस्था करते हैं। कुश और कोमल पत्ता की सुंदर साथरी सजाकर बिछा दी। मीठे फल और शीतल पानी रख दिया।

‘मांगी नॉव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरम मै जाना’
केवट कहता है हे नाथ मै आपका चरण कमल धोकर आप लोगों को नॉव पर चढ़ाऊंगा।
‘पद कमल धोइ चढ़ाइ नॉव न नाथ उतराई चहौ’ कृपालु मर्यादा।।
पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने केवट के अनुरोध को विनम्रता पूर्वक स्वीकार कर लिया। लीला पूरी होने के पूर्व भगवान श्रीराम की झांकी की आरती की गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के भक्तों ने लीला का दर्शन किया।
इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष पवन कुमार जैन, संरक्षक जितेंद्र सिंह, कोषाध्यष राकेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, चंदन केशरी,प्रशांत जैन, हर्ष केशरी, आनंद मिश्रा, विमलेश केशरी, रिशु केशरी, रविन्द्र केशरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।










