HIGHLIGHTS
- बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को सी ओ पी रिनुअल में शैक्षिक प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु लिखा पत्र
- संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने पंजीकृत सी ओ पी धारक अधिवक्ताओं से पुनः शैक्षिक प्रमाण पत्रों की मांग पर उठाए सवाल
सोनभद्र। संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने एक बार पुनः बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन और सचिव को संबोधित पत्र लिख कर सी ओ पी रेन्युअल और वेरीफिकेशन के नाम पर फिर से शैक्षिक प्रमाण पत्रों की मांग पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है। श्री मिश्र ने पत्र में लिखा है कि COP रिनुअल और वेरीफिकेशन फार्म के साथ पुनः समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों को लगाने की बात करना औचित्यहीन हैं।

उन्होंने लिखा है कि जिस प्रकार और 1990 से पूर्व के पंजीकृत अधिवक्ताओं को शैक्षिक प्रमाण पत्रों ना देने की छूट दी गई है ठीक इसी प्रकार पूर्व में बार कौंसिल में पंजीकृत एवम सी ओ पी धारक अधिवक्ताओं से सी ओ पी रिनुअल और वेरीफिकेशन के नाम पर फिर से शैक्षिक प्रमाण पत्रों लगाने के लिए कहना केवल प्रदेश के अधिवक्ताओं को अकारण ही परेशान करना है।

श्री मिश्र ने पत्र में लिखा है कि बार कौंसिल के इस आदेश से प्रदेश के अधिवक्ताओं में अत्यधिक आक्रोश बयाप्त है। श्री मिश्र ने लिखा है कि प्रदेश के अधिवक्ताओं का कहना है कि जब बार कौंसिल ऑफ उतर प्रदेश प्रथम बार पंजीयन के समय ही सारे शैक्षिक प्रमाण पत्रों को सत्यापित करके ही पंजीयन करती है तो बार बार शैक्षिक प्रमाण पत्रों को मांग कर अधिवक्ताओं को अनावश्यक परेशान क्यों कर रही है। वेरीफिकेशन या रि इश्यू फार्म के साथ केवल बार कौंसिल द्वारा जारी आई डी कार्ड /सी ओ पी कार्ड की छाया प्रति ही लिया जाए जिससे देश/प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं को उक्त वेरीफिकेशन /रि इश्यू फार्म भरने में आसानी हो। श्री मिश्र ने बार कौंसिल से अनुरोध करते हुए मांग की है कि समस्त अधिवक्ता समाज की भावना और उनकी मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार कर जारी आदेश में संशोधन करें।












