ओबरा, सोनभद्र। स्थानीय श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को देर शाम श्रीराम जन्मोत्सव की भव्य प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की गई। दशरथ नंदन भगवान श्रीराम के अवतरण उपरान्त लीला के अलौकिक स्वरूपों का भी मंचन शुरू हुआ। अयोध्या नगरी में बच्चे के रोने की बहुत ही प्यारी ध्वनि सुनकर सब रानियाँ उतावली होकर दौड़ी चली आईं, दासियाँ हर्षित होकर जहाँ-तहाँ दौड़ीं, सारे पुरवासी आनंद में मग्न हो गए।

राजा दशरथ पुत्र का जन्म कानों से सुनकर मानो ब्रह्मानंद में समा गए। मन में अतिशय प्रेम है, शरीर पुलकित हो गया। पिता दशरथ बुद्धि को धीरज देकर वे उठना चाहते हैं। कहते हैं जिनका नाम सुनने से ही कल्याण होता है, वही प्रभु मेरे घर आए हैं। राजा का मन परम आनंद से पूर्ण हो गया, उन्होंने बाजेवालों को बुलाकर कहा कि बाजा बजाओ।

पूरे राज्य में खुशी के माहौल के बीच मिठाइयां बांटी गई। अयोध्यावासियों का परमानंद देखते ही बना, सोहर गीत मानो भगवान की उपस्थिति को दर्शा रहा हो। रंग बिरंगी मिठाइयों को खाकर लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे।

रामलीला मंचन के दौरान राम मंदिर रामलीला समिति के अध्यक्ष गिरीश नारायण सिंह, उपाध्यक्ष नीलकांत तिवारी, सचिव ज्ञान शंकर शुक्ल, कैलाश, निलेश मिश्रा, छोटे लाल मिश्रा, सुनीत खत्री, आशीष तिवारी, अरविंद सोनी, सुनील अग्रवाल, समीर माली, अमित गुप्ता, सचिन तिवारी, राम देव मौर्य, सुशील सिंह, करन, शिवम दिवेदी इत्यादि कार्यकर्ता मौजूद रहे।









