गुरमुरा, सोनभद्र। आदिवासी युवा समाज के द्वारा गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी दुर्गावती की 499वां जयंती एवं “क्रांतिकारी” राणा पूंजा भील का 502वां जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन “मंगल माधव फौजदार इण्टर कॉलेज” स्थित गुरुमुरा में की गई, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं गणमान्य लोगों के द्वारा वीरांगना महारानी दुर्गावती व राणा पूंजा भील जी के प्रतिमा पर हल्दी/चावल से टीका लगाकर एवं मालार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।

इस दौरान उन्होंने मुख्य अतिथि कुबेर सिंह मरकाम (शिक्षक) ने रानी दुर्गावती एवं राणा पूंजा भील के बारे में कहा कि वीरांगना महारानी दुर्गावती ने अपने मान सम्मान, स्वाभिमान और गोंडवाना साम्राज्य को बचाने हेतु अदम्य साहस के साथ अकबर की सेना से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं थीं,और राणा पूंजा भील मेवाड़ के महाराणा प्रताप के सेनापति थे जो हल्दीघाटी के युद्ध में पराक्रम व वीरता पूर्वक युद्ध करते हुए महाराणा प्रताप को विजय घोषित कराने में अहम योगदान दिया था।

इस हल्दी घाटी युद्ध को विजय दिलाने और उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए प्रसन्न होकर महाराणा प्रताप ने पूंजा भील को राणा की उपाधि से नवाजा था, इन महापुरुषों व वीरांगनाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि हमें भी अपने हक अधिकार हेतु और जुल्मों के खिलाफ़ लड़ सकें, अध्यक्ष के रूप में रहे अनन्त सिंह पोयाम अपने व्यक्तव्य कहा कि जिस तरह इन महापुरुषों ने अपने अधिकार और मातृभूमि के लिए बलिदान हो गए, उसी तरह हमें भी एक होकर समाज में जागरूकता लाकर शिक्षा एवं अधिकार के प्रति प्रेरित किया जाए।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक अनिल सिंह गोंड ने की और संचालन वेद प्रकाश सिंह मरकाम ने की, कार्यक्रम में मुख्य रूप से ओमप्रकाश गोंड, दिलीप वर्मा, दिलीप सिंह कुशराम, प्यारे सिंह आयाम, विनय कुशराम, मंजू, चांदनी, निर्जला सहित छात्र, छात्राएं उपस्थित रहे,











