नीरज गुप्ता
बीजपुर, सोनभद्र। वन विभाग द्वारा विगत दिनों बीजपुर बाजार के ऊत्तरी एवं दक्षिणी पटरी स्थित गाटा संख्या 1599,1579 एवं 1604 में बसे ग्रामीणों को अपना दुकान मकान खाली करने का आदेश दिया गया था अन्यथा 3 अक्टूबर को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने की कार्यवाही करने हेतु नोटिस चस्पा कर बकायदा माइक से एनाउंसमेंट भी करवाया गया था।

वन विभाग के इस कार्रवाई को लेकर संस्कृति लाइव ने 24 सितंबर को खबर को प्रमुखता से छापा गया था *वन विभाग के लाल निशान से ग्रामीणों में दहशत,जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से लगाई न्याय की गुहार* नामक शीर्षक से एक खबर चलाई तथा ग्रामीणों की बात को प्रमुखता से उठाया था खबर के माध्यम से ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों न्याय की गुहार लगाकर उक्त जमीनों पर अपने हक की मांग किया गया था और खबर द्वारा यह भी अवगत कराया गया था कि उक्त जमीन का कोई सीमांकन नहीं है फिर वन विभाग आखिर कैसे उस जमीन को अपना बताकर दशकों से बसे ग्रामीणों को बेघर करने पर उतारू है।

वन विभाग द्वारा 3 तारीख को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने की डेडलाइन खत्म होने पर जब इस संबंध मे संस्कृति लाइव के संवाददाता नीरज गुप्ता द्वारा क्षेत्रीय वन अधिकारी जरहां राजेश कुमार सिंह से बात किया गया तो उन्होंने बताया की जिलाधिकारी महोदय द्वारा यह निर्देश दिया गया है कि उक्त तीनों गाटा संख्या की जमीनों की मापी करके सीमांकन हेतु एक कमेटी गठित किया जाएगा पहले पूरे जमीन की पैमाइश होगी और यह निर्धारित किया जाएगा कि उसमें कौन सी जमीन रजिस्ट्री की है या पट्टे की है और वन विभाग की जमीन कहां से कहां तक है यह सीमांकन होने के बाद फिर वन भूमि में जिसका भी मकान या दुकान आएगा उसको एक-एक करके नोटिस देकर के खाली करवाया जाएगा

और नही खाली करने पर कानूनी कार्यवाई कर ध्वस्त किया जाएगा।जब तक गठित कमेटी द्वारा उक्त जमीनों मापी कराकर सीमांकन या पैमाइश नहीं की जाती है तब तक ध्वस्त करने की कार्रवाई पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा मौखिक रूप से रोक लगा दिया गया है।जिलाधिकारी महोदय के निर्देश को लेकर ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है और उन्हें यह आशा है कि उनके साथ न्याय होगा और जो लोग भी वहां पर दशकों से रह रहे हैं उन्हें उन जमीनों का मालिकाना हक जरूर मिलेगा।











