मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन ने बताया कि गांधी जयंती के शुभ अवसर पर थिंक मानवाधिकार संगठन द्वारा डॉ कंचन जैन को महात्मा गांधी पीस अवॉर्ड प्रदान किया गया। यह पुरस्कार अहिंसा के माध्यम से सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन लाने के लिए व्यक्तियों की पहिचान करने हेतु दिया जाता है।

इस अवसर पर डॉ कंचन जैन ने कहा कि महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे। अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम योगदान दिया।
गांधी जी ने देश की आजादी की लड़ाई में अहिंसा का सिद्धांत अपनाया।हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द और एकता बढ़ाने का प्रयास किया।

राष्ट्रीय सचिव डॉ एच सी मीना मिश्रा ने कहा कि आजादी की लड़ाई में गांधी जी ने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि विश्व भर से आए विद्वान जनों ने प्रतिभाग किया। भारत की ओर से प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों में डा सौदामिनी चौधरी, भोला कुमार चौधरी, आनंद सत्यापति, चंदन नायक, आशुतोश,पी के मोहापत्रा, ज्योति प्रभा स्वन, बृज कुमार पानी, संतोष डिकल, सावित्री दास, नीलमणि रोटे विश्व विजय, हर प्रिया, डॉ जीके मिश्रा आदि ने प्रतिभाग किया।












