सोनभद्र। हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत न्यू कॉलोनी स्थित सीहोर बाबा के मंदिर के पास दिवाकर द्विवेदी “मेघ विजयगढ़ी” के आवास पर काव्य गोष्टी का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर की अध्यक्षता, उपन्यासकार रामनाथ “शिवेंद्र”के मुख्य आतिथ्य मे संपन्न हुआ।
सरस्वती वंदना कवयित्री अनुपम “वाणी” ने-
“मां तेरी ममता की छैंया, मे जो कटते दिन हमारे।” सुनाकर वाह वाही लूटी।

अंतर्राष्ट्री बेटी दिवस के अवसर पर बाल कवित्री सृजा ने कन्या भ्रूण हत्या एवं वरिष्ठ कवि दीपक कुमार केसरवानी ने “माता-पिता की पाती बेटी के नाम” नामक रचना सुनाकर श्रोताओं को द्रवित कर दिया।
भोजपुरी के गीतकार जगदीश “पंथी” ईश्वर “विरागी” जयराम सोनी, दयाराम “दयालु” ने भोजपुरी गीत, हास्य-व्यंग्य की कविता सुनकर वातावरण को काव्यमय बना दिया ।

कवि प्रद्युम्न कुमार तिवारी.एड.,कवयित्री डा.रचना तिवारी. कौशल्या कुमारी चौहान, दिव्य राय, अनुपम “वाणी”, दिवाकर द्विवेदी “मेघ विजयगढी” राकेश शरण मिश्र, सुशील “राही”, धर्मेंश चौहान दिलीप सिंह “दीपक” काव्य पाठ कर ओज, वीररस, श्रृंगार, हास्य व्यंग्य, करुणरस का समावेश कर सामाजिक विषमता, भेदभाव के विरुद्ध, राष्ट्र वाद, एकता, अखंडता, समरसता की अलख कविता के माध्यम से जलाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन से हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन युवा कवि दिलीप सिंह “दीपक” अतिथियों का आभार कार्यक्रम की आयोजक दिवाकर द्विवेदी “मेंघ विजयगढ़ी”ने किया।















