सोनभद्र। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमगांव बूथ संख्या दो पर अनुसूचित जाति मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष व सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत के नेतृत्व में सुनी गई। मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि प्रेरक जीवन यात्राओं को उजागर करने में हमेशा खुशी होती है।

उन्होंने कहा कि “चंद्रयान-3 की सफलता के बाद जी-20 के शानदार आयोजन ने हर भारतीय की खुशी को दोगुना कर दिया। भारत मंडपम तो अपने आप में एक सेलिब्रिटी की तरह हो गया है। लोग उसके साथ सेल्फी खिंचा रहे हैं और गर्व से पोस्ट भी कर रहे हैं। भारत ने इस समिट में अफ्रीकन यूनियन को जी-20 में पूर्ण सदस्य बनाकर अपने नेतृत्व का लोहा मनवाया है। ” पीएम ने कहा कि भारत में अब वैश्विक धरोहरों की संख्या 42 हो गई है।

भारत का प्रयास है कि हमारे ज्यादा से ज्यादा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों को विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता मिले। पीएम ने कहा कि भारत में एक से बढ़कर एक विश्व हेरिटेज साइट्स हैं। कुछ ही दिन पहले शांति निकेतन और कर्नाटक के पवित्र होयसड़ा मंदिरों को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को विश्व पर्यटन दिवस की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा, “27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस हैं, पर्यटन को कुछ लोग सिर्फ सैर-सपाटे के तोर देखते हैं, लेकिन पर्यटन का एक बहुत बड़ा पहलू रोजगार से जुड़ा है। मेरा आप सबसे आग्रह है कि जब आप कहीं घूमने जाने की योजना बनाएं, तो ये प्रयास करें कि भारत की विविधता की दर्शन करें।” पीएम ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है और जी-20 के सफल आयोजन के बाद दुनिया के लोगों की रुचि भारत की ओर बढ़ गई है।

जब भारत बहुत समृद्ध था, उस जमाने में, हमारे देश में और दुनिया में सिल्क रूट की बहुत चर्चा होती थी। यह सिल्क रूट व्यापार-कारोबार का बहुत बड़ा माध्यम था। अब आधुनिक जमाने में भारत ने एक और इकोनॉमिक कॉरिडोर जी-20 में सुझाया है। ये है इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर। यह आने वाले सैकड़ों वर्षों तक विश्व व्यापार का आधार बननने जा रहा है और इतिहास इस बात को हमेशा याद रखेगा कि इस कॉरिडोर का सूत्रपात भारत की धरती पर हुआ था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामेश्वर प्रसाद, लालपति सोमेरो, जयप्रकाश लाल, बहादुर अंगद, पशुपति, सुरेश, आलोक रावत, शिवनारायण, राजेंद्र, विमलेश, भुनेश्वर, धनंजय, संजय, राजाराम सहित भारी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।










