डॉ कंचन जैन (लेखिका)
नई शिक्षा नीति 2020 छात्रों के समग्र विकास, उनके संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक, चारित्रिक और शारीरिक विकास पर ध्यान केंद्रित करता है। यह आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को नवाचार की धारा से जोडता है, जो कि भारतीय शिक्षा को 21वीं सदी में राष्ट्र के नव निर्माण और की राह मार्ग सशक्त करते हैं।नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षा में प्रौद्योगिकी के एकीकरण का पुरजोर समर्थन करती है।

शिक्षक अपनी शिक्षण प्रभावशीलता को बढ़ाने स्वयं को नवाचार से जोड़ने शिक्षण अनुभव बढाने और विविध शिक्षण शैलियों को पूरा करने के लिए डिजिटल उपकरण, ऑनलाइन संसाधनों और शैक्षिक ऐप्स का लाभ उठा कर अपना विकास करने में सक्षम बना सकते हैं।नई शिक्षा नीति 2020 सहयोगात्मक शिक्षण समुदायों को भी बढ़ावा देते हुए , शिक्षकों को नवीन कौशल सीखने में संलग्न होने तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और सहकर्मियों के साथ सहयोग करने एवं विचारों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है जोकि एक सहायक वातावरण बनाता है और शिक्षण प्रभावशीलता को बढ़ावा देता है।

नई शिक्षा नीति शिक्षकों के लिए निरंतर व्यावसायिक विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नई नीति एक बहु-विषयक दृष्टिकोण की ओर बदलाव को बढ़ावा देती है, जिसका उद्देश्य छात्रों को विषयों की एक विस्तृत ज्ञानवर्धक श्रृंखला प्रदान करना है। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर बढ़ते पुरजोर प्रयास के साथ, कला, मानविकी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों पर ध्यान दिया जा सकता है। नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षकों में शिक्षण कौशल को बढ़ाने, उनके ज्ञान को अद्यतन करने एवं विकसित शैक्षणिक प्रथाओं से अवगत रहने के लिए प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और सहयोग के सुअवसर प्रदान करता है।














