सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र नगर द्वारा नगर स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेच्छागृह में शुक्रवार को रक्षाबंधन उत्सव बहुत ही उत्साह व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मंचासीन जिला संघचालक सोनभद्र हर्ष अग्रवाल, नगर संघचालक सुरेश केसरी,प्रांत मुख्य मार्ग प्रमुख भोलेंद्र व कार्यक्रम की अध्यक्षता पुंजा सिंह ने किया।


बौद्धिक उद्बोधन में प्रांत मुख्य मार्ग प्रमुख भोलेंद्र ने कहा कि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र के 6 उत्सव में तीसरा प्रमुख उत्सव रक्षाबंधन उत्सव है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रक्षाबंधन पर्व के माध्यम से समाज में एकता, प्रेम, सुरक्षा व समरसता का संदेश देता है। वर्तमान परिवेश में हिंदू समाज बिखराव की स्थिति में है, सैकड़ों वर्षों तक विदेशी शासकों से संघर्ष करते रहने के कारण समाज रूपी शरीर अस्पृश्यता, जातिगत भेदभाव, भाषावाद, क्षेत्रवाद जैसी बीमारियों से ग्रस्त है।

उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाज संगठित होकर राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाएं जिससे खोई हुई प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त हो सके और यह तभी संभव होगा जब हम समाज के उपेक्षित समझे जाने वाले पीड़ित बन्धुओं के साथ आत्मीयता दिखाते हुए उन्हें हृदय से लगाकर रक्षा सूत्र बांधे और उनके सुख-दु:ख में भागीदार बनें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष आने वाला है। शताब्दी वर्ष व अमृत महोत्सव के अवसर पर हम सभी को मिलकर भारत को शक्तिशाली बनाना है व एकजुट होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त दैनिक शक्ति, सुप्त शक्ति व सज्जन शक्ति को जागना है व उनका संरक्षण करना है।

इस अवसर पर स्वयंसेवक मातृशक्ति के रूप में उपस्थित माताएं बहने व उपस्थित नागरिकों ने परम पवित्र भगवा ध्वज की पूजा अर्चना कर एक-दूसरे को इस मंत्र के साथ राखी बांधा कि हम आपस में एक दूसरे की रक्षा करेंगे और सब मिलकर राष्ट्र व समाज की रक्षा करेंगे। ”अभी नहीं तो कभी नहीं ”संकल्प लें कि देश, समाज की रक्षा के लिए भारत माता को विश्व गुरु बनाना है।

कार्यक्रम में जिला प्रचारक देवदत्त, सह जिला कार्यवाह पंकज पांडेय, नगर प्रचारक धनंजय, नगर कार्यवाह महेश शुक्ला,नीरज सिंह, कीर्तन ,राम लगन, संतोष, संगम,अखिलेश,जे0 बी सिंह ,आशुतोष ,सर्वेश आदि उपस्थित रहे।












