HIGHLIGHTS
- न्यायिक अधिकारी संजय हरि शुक्ला के विदाई कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने किया सम्मान
- सोंनभद्र के अधिवक्ताओ द्वारा दिया गया सम्मान अविस्मरणीय रहेगा
सोंनभद्र। सोंनभद्र के अधिवक्ताओ का प्यार में कभी नही भूल सकता। मेरे विदाई पर सोंनभद्र के अधिवक्ताओ ने जो मान सम्मान दिया है वह अविस्मरणीय रहेगा। मेरे अल्पसेवा काल मे मुझसे जो बन सकता था उसे मैंने अपनी पूरी ईमानदारी व पूरी क्षमता के साथ करने का काम किया है और इसमे सोंनभद्र के अधिवक्ताओ ने और मेरे सहयोगी स्टॉप ने जो सहयोग किया उसकी जितनी सराहना करू वो कम है। उक्त बातें पीठासीन अधिकारी मोटर दावा अधिकरण सोंनभद्र के माननीय न्यायिक अधिकारी संजय हरि शुक्ला ने अपने स्थांतरण के अवसर पर सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ के द्वारा उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में अपने आवास पर कही।

उनके आवास पर कल प्रातः 10 बजे सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र, प्रदेश संग़ठन सचिव उमापति पांडेय एवम महासंघ के जनपद सोंनभद्र के जिला संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ मिश्र द्वारा माननीय न्यायिक अधिकारी संजय हरि शुक्ला को माला पहनाकर अंगवस्त्रम, महासंघ द्वारा “न्याय गौरव” सम्मान पत्र एवम पंचमुखी महादेव की फोटो स्मृति चिन्ह के रूप में देकर सारस्वत सम्मान किया गया। इस मौके पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने उनके विदाई पर एक कविता ” जाने ये कैसी जुदाई की घड़ी आई है, सुना है श्रीमान जी आज आपकी विदाई है” सुनाकर सबकी आँखे नम कर दी” साथ ही श्री मिश्र ने कहा कि आप जैसे न्यायप्रिय और ईमानदार न्यायिक अधिकारी बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आपने अपने सेवा काल मे अपनी कार्यकुशलता से सोंनभद्र के अधिवक्ताओ के हृदय में जो स्थान बनाया है वो बहुत कम अधिकारी बना पाते हैं। सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ आपको ” न्याय गौरव” सम्मान से सम्मानित कर अभिभूत व गौरवान्वित है। वही प्रदेश संगठन सचिव उमापति पांडेय ने कहा कि आप हम सबको बहुत याद आएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित महासंघ के जिला संरक्षक व सोंनभद्र बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि आप युवा न्यायिक अधिकारियों के प्रेरणास्रोत है और आपकी ईमानदारी और कर्तब्य निष्ठा उनके लिए एक मिसाल के रूप में उन्हें सदैव न्याय पथ पर सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी। वही अधिवक्ता पवन कुमार मिश्र ने कहा कि आपकी कार्यशैली से हम अधिवक्ताओ को बहुत कुछ सीखने को मिला है जिसे शब्दो में बयान नही किया जा सकता।





