नीरज गुप्ता की रिपोर्ट
बीजपुर। पानी की समस्या विकराल होती जा रही है. क्षेत्र के पुनर्वास प्रथम, बीजपुर बाजार, मोटर गैराज, रायकालोनी,बस स्टैंड, शांति नगर में इन दिनों पानी को लेकर लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. सुबह उठते ही पानी की चिंता सताने लगती है. नदी, तालाबों का जलस्तर कम होने से कुंए सूख रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में दूर से पानी लाना पड़ता है. टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है, जो नाकाफी है. आबादी के लिहाज से ये टैंकर कम पड़ रहे हैं. पानी के लिए सरकारी प्रयास से जो चापानल गाड़े गए या सोलर वाटर पंप बनाए गए हैं, उनमें ज्यादातर खराब पड़े हैं. इन्हें बनाने का आश्वासन तो मिल रहा है, लेकिन मरम्मत नहीं हो पा रही है. जो चापानल ठीक हैं, उनमें सैंकड़ो दफा पंप चलाने पर चुल्लू भर पानी मिलता है. लोग चिंतित हैं कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो हालात और बिगड़ जाएंगे. पत्रकार टीम ने क्षेत्र भर गहराये जलसंकट पर लोगों से बात की है. जानिए पेयजल संकट का हाल…
बीजपुर बाजार में सप्लाई द्वारा नहीं मिल रहा पानी 10 से 12 दिन खराब पड़ी है बोर
बीजपुर पंचायत अंतर्गत बीजपुर बाजार, पुनर्वास प्रथम, शांति नगर, बस स्टैंड,मोटर गैराज रायकालोनी मे आधारि सप्लाई पानी द्वारा खराब होने की वजह से बीते दो हफ्ता से खराब पड़ी है. जिसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नलकूप से एक घंटा इंतजार करने के पश्चात ही मुश्किल से लोगों को एक बल्टी पानी मिलता है. गांव की महिलाओं ने बताया कि कई बार पानी लेने के लिये आपस में तू तू मैं मैं हो जाती है. आखिर मजबूरी में काफी दुर से जरूरत का पानी लाकर परिवार चला रहे हैं. जुलाई माह की प्रचंड गर्मी में लोगों को पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनधि से बोर की मरम्मत का लगा चुके गुहार
कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित सरकारी कर्मियों से सप्लाई बोर मरम्मत करने की गुहार लगा चुके हैं. लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है. जिसका खामियाजा गांव के हजारों से अधिक परिवारों को झेलना पड़ रहा है।
पानी के लिए झगड़ा करते हैं लोग : बीजपुर बाजार के राधेश्याम उर्फश्यामा सेठ* ने कहा कि पानी के लिए यहां अक्सर झगड़े होते रहते हैं. लोग घरों के बाहर रखे ड्रम से पानी उठा कर ले जाते हैं. नहाना धोना तक मुश्किल होते जा रहा है. पानी की सप्लाई शुरू करने के लिए लोगों ने कई बार आवाज उठायी , लेकिन कोई सुनता कहा है। पानी के बिना लोगों को काफी तकलीफ हो रही है. लोग पानी के तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं. पीने के पानी के लिए तो पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। मेरा डीएम साहब से विनम्र निवेदन है कि इस क्षेत्र में पानी की समस्या को समधान करने कि कृपया करें।
मुश्किल से हो रहा पानी का जुगाड़ :
पुनर्वास प्रथम के सरजु गुप्ता कहते हैं कि पानी की परेशानी शुरू हो गई है. बड़ी मुश्किल से पानी का जुगाड़ कर रहे हैं. सुबह से ही पानी के लिए चापाकलों पर भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. ऐसे में पीने के पानी के लिए खासा वक्त बर्बाद करना पड़ रहा है. अगर सभी चापाकल ठीक रहते, तो यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
स्थानीय पुरुष *मो. मुख्तार आलम ने* कहा कि जुलाई माह में सप्लाई द्वारा नहीं मिल रहा पानी जिससे काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। पानी का किल्लत बहुत ज्यादा है लेकिन ना टैंकर आता है कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियो को बोर मरम्मत करवाने का गुहार लगाई जा चुकी है।
स्थानीय महिला शीला सोनकर ने कहा कि जुलाई माह की चिलचिलाती धूप में काफी दूर से पानी लाकर जरुरत पुरा कर रहे हैं पेयजल का संकट होने से काफी परेशानी है।
ग्रामिण रामदास ने कहा कि पानी कि व्यवस्था खराब होने से काफी दिक्कत हो रही है।हम लोग रोजाना तीन सौ से चार सौ कमाने वाला गरीब व्यक्ति है जो इसी से परिवार चलाते हैं और आज के दिन में रोज पानी 20-30 रुपया में खरीद कर पीना पड़ रहा है।







