श्रीराम कथा श्रवण कर भाव विभोर हुए श्रद्धालु

HIGHLIGHTS

  • प्रभु राम हैं समरसता के मूल- पं दिलीप कृष्ण महाराज

  • युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने स्मृति चिन्ह भेंट कर प्राप्त किया आशीर्वाद

ओबरा, सोनभद्र। ओबरा स्थित राम मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय श्रीराम कथा के व्यास अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पं दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज के द्वारा भगवान के अन्यान स्वरूपों का अपने मुखारविंद से विस्तृत वर्णन किया गया। महाराज ने कहा कि यदि हम भगवान श्रीराम के चरित्र का अनुसरण करने का प्रयास करें तो निश्चित हमारे जीवन में परिवर्तन आएगा। भगवान राम एक अच्छे पुत्र, अच्छे पति, अच्छे पिता व अच्छे भाई के रूप में जीवन जिया। भगवान राम ने जिस प्रकार अयोध्या वासियों के सम्मुख अपना त्याग प्रस्तुत किया, वह अभूतपूर्व था। एक सामान्य पुरुष राजगद्दी के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार होता है, लेकिन उन्होंने पिता के वचनों को पूर्ण करने और मां केकई के हर्ष के लिए वनवास जाना उत्तम समझा। उन्होंने मानव समाज के समक्ष जो आदर्श प्रस्तुत किया, वह वर्तमान में भी प्रासंगिक है। उससे प्रेरणा लेकर हमें अपने जीवन को उत्तम बनाना चाहिए।

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श्री राम कथा मर्यादा में रहना सिखाती है, साथ ही यह मानव का सही मार्गदर्शन भी करती है। जो मनुष्य मन से श्रीराम कथा का श्रवण कर लेता है उसका लोक ही नहीं परलोक भी सुधर जाता है। मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है और बहुत सत्कर्मों के बाद ही मनुष्य का जीवन मिलता है, उन्होंने कहा कि मनुष्य को इसका सदुपयोग करना चाहिए और राम नाम का जप करते हुए अपने लोक परलोक को सुधारना चाहिए। कलयुग में मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा राम नाम ही है, प्रवचन के दौरान महाराज ने कहा कि हमें अपने दांपत्य जीवन में गंभीर होना चाहिए, पति-पत्नी, भाई बहन, भाई भाई का प्रेम पिता पुत्र, सास बहू सभी को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। रामायण हमें मर्यादा सिखाती है, रामायण को प्रतिदिन श्रवण करने से मानसिक संतुलन ठीक रहता है। दुराचारी रावण की नकारात्मक सोच ने उसके पूरे कुल का विनाश कर दिया। जैसे गुलाब का फूल देखने में सुंदर है पर चखने में मीठा नहीं होता, गन्ना दिखने में सुंदर नही पर चखने में मीठा होता है। किंतु हमें अपना स्वभाव सुंदर और मीठा बनाना है, तो भगवान राम की कथा कहना वह सुनना चाहिए।

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इससे हमारा स्वभाव मधुर मनोहर और मंगलकारी हो जाएगा। अनेकों असुरों के जप तप से खुश होकर भगवान ब्रह्मा उन्हें दर्शन दिया करते थे लेकिन आशीर्वाद स्वरुप असुरों के द्वारा अमर होने का वरदान मांगा जाना लोभ लालच की वेदी में उसी क्षण समाप्त हो जाता था। कथा उपरांत कथा व्यास पं दिलीप भारद्वाज महाराज को भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अरविंद सोनी, हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश चंद्र शुक्ला, युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री समीर माली, सतीश त्रिपाठी, सभासद अमित गुप्ता, सागर महरोलिया, पूर्व सभासद मनीष विश्वकर्मा, मण्डल उपाध्यक्ष अनुराग श्रीवास्तव, राम मंदिर समिति के सचिव नीलकांत तिवारी, जीएन शुक्ल, सुनील अग्रवाल, एडवोकेट पुष्पराज पाण्डेय ने संयुक्त रूप से स्मृति चिन्ह भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
बतादें कि प्रतिदिन कथा सुनने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस दौरान समाजसेवी कन्हैयालाल जयसवाल, इं संजय बैसवार, प्रमोद चौबे, विनय सिंह, विवेक मालवीय, शिवनाथ जयसवाल, सुखनंदन चौरसिया, रोहित पटेल, दीपेश दीक्षित सहित अन्य श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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