सोनभद्र। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली के दिशा-निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह के आदेश पर व जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार खैरवार के अगुवायी में बाल भिक्षावृति उन्मूलन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत फुटपाथों पर जीवन गुजरने वाले बच्चों व उनके परिवारों को चिह्नित कर उनको मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

इसी क्रम में सोमवार को सुकृत मार्केट, मन्दिर, दुकान आदि चिन्हित स्थानों पर भ्रमण कर टीम द्वारा बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा बताया गया कि बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम,बाल तस्करी व बाल विवाह कुप्रथा के रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है साथ ही ब्लाक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति व ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के समन्वय से येसे नाबालिग बच्चों का डाटा/ विवरण तैयार कराया जा रहा है जो बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, बाल तस्करी या बंधुआ मजदूरी मे संलिप्त है या बनाये गये है जिसके सम्बन्ध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए नबालिग बच्चों का परिवार में पुर्नवासन कराया जा सके साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।

रेस्क्यू टीम मे जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी रोमी पाठक, गायत्री दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता आकांक्षा उपाध्याय, परामर्शदाता सुधीर कुमार शर्मा, ओ आर डब्ल्यू, विजय कुमार, मानव तस्करी रोधी इकाई सोनभद्र से उपनिरीक्षक हरिदत्त पाण्डेय, मुख्य आरक्षी धनञ्जय यादव आरक्षी शालनी वैश्य, अमन द्विवेदी सहित अन्य लोग रहे।







