HIGHLIGHTS
- बढौली चौराहे से तीन नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर संरक्षण प्रदान कराया गया।
- जिला प्रशासन की पहल: सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चें व बाल श्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को दी जाएगी शिक्षा
- सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों की व श्रम से मुक्त कराये गये बच्चों की संवरेगी जिंदगी, स्कूल पहुंचाएगा जिला प्रशासन, मिलेंगे
सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह के निर्देश के क्रम में व जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार खैरवार के आदेश पर बुधवार को जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी रोमी पाठक सामाजिक कार्यकर्ता आकांक्षा उपाध्याय व ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा थाना राबर्ट्सगंज कस्बा, बढौली चौराहा सहित अन्य स्थानों पर भ्रमण कर बच्चों का चिन्हाकन कर परामर्श व बच्चों को संरक्षण प्रदान कराया गया।

जिसके अन्तर्गत बढौली चौराहे से तीन नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर संरक्षण प्रदान कराया गया। इस दौरान ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा बताया गया कि सड़कों पर दूसरों की गाड़ी साफ करते बच्चें या भूख लगी है, पैसा देदो बोलने वाले बच्चे व बाल श्रम से मुक्त कराये गये बच्चे भी पढ़ेंगे और स्कूल जाएंगे। यह संभव हुआ है सोनभद्र जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा एक विशेष अभियान से उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान के दौरान बच्चों के परिजनों की भी काउंसलिंग की जा रही साथ हीं उन्हें बताया जाता है कि भीख मांगना व नाबालिग बच्चों से श्रम कराना अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए बच्चों को स्कूल भेजें।

उन्होंने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्यवाही की जा रही है शिक्षा और पोषण के लिए 18/23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह मिलेगा 2500 रुपए इस अभियान के द्वारा बच्चों को स्कूल में भेजना, इनका अकाउंट खुलवाना, बाल सेवा योजना के तहत पंजीकृत कर शिक्षा और पोषण के लिए 2500 रुपए प्रतिमाह 18/23 वर्ष की आयु तक दिया जायेगा।







