सोनभद्र। जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा बताया गया कि जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार खरवार के आदेश पर जनपद मे बाल विवाह कुप्रथा को समाप्त करने व जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाये जाने हेतु बाल विवाह रोकथाम व जागरूक के लिए ब्लाक का चिन्हित किया गया है। (रॉबर्ट्सगंज, घोरावल,चोपन, कोन, म्योरपुर, दुद्धी, ) है जहा पर बाल विवाह रोकथाम व जागरूकता का विशेष अभियान चलाया जायेगा जिसके लिये कार्य योजना तैयार कर लिया गया है।


जनपद मे थाना मानव तस्करी रोधी इकाई, वन स्टाप सेन्टर, ज़िला बाल संरक्षण इकाई, महिला शक्ति केन्द्र व पुलिस विभाग के सहयोग से टीम द्वारा कुल टोटल 22 नाबालिग बालक/बालिकाओ को बाल विवाह रोका गया है रोके गये 22नाबालिग बालिकाओं की बाल विवाह पुनः कम उम्र में शादी न कर दिया जाये जिसके सम्बन्ध में जिला बाल संरक्षण इकाई टीम द्वारा निरंतर उनका फॉलोअप किया जा रहा है साथ हीं यह भी बताया गया (बाल विवाह) कम उम्र में बच्चों की शादी कर देने से उनका स्वास्थ्य, मानसिक विकास और खुशहाल जीवन पर असर पड़ता है। कम उम्र में शादी करने से पुरे समाज में पिछड़ापन आ आता है.जो अंततः समाज की प्रगति में बाधक बनता है।कानून में शादी करने की भी एक उम्र तय की गई है। अगर शादी करने वाली लड़की की उम्र 18 साल से कम हो, या लड़के की उम्रः 21 साल से कम हो तो ऐसा विवाह बाल विवाह कहलाएगा








