सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन शिव प्रकाश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगांव सोनभद्र में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यजीत पाठक द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अध्यापक ओम प्रकाश त्रिपाठी, विद्वान अधिवक्ता गण पवन कुमार मिश्रा मध्यस्थ एवं गौतम द्वारा भाग लिया गया। इस कार्यक्रम में तहसीलदार राबर्ट्सगंज के प्रतिनिधि के रूप में नायब तहसीलदार सहभागिता की गई।

इस शिविर का मुख्य विषय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पारिवारिक मामलों के निस्तारण में भूमिका एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की न्यायालय में लंबित कार्यभार को न्यून में भूमिका थी। कार्यक्रम में पवन कुमार मिश्रा एवं गौतम एवं ओम प्रकाश त्रिपाठी द्वारा इस विषय के विभिन्न सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर अपना पक्ष रखते हुए मुख्य रूप से यह बताया गया कि समाज में उत्पन्न हो रहे विवादों को कम कराना ही प्राधिकरण का उद्देश्य है, ताकि मुकदमा न्यायालय में ना दायर किया जाए एवं समाज में सौहार्द बना रहे।

सचिव सत्यजीत पाठक द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना कानून के माध्यम से हुई है एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण पूरे राष्ट्र में एक मात्र संस्था के रूप में कार्यरत है, जिसके अंतर्गत साक्ष्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति कार्य करती है। इस संस्था के अनेकानेक कार्य किए गए हैं, जिसमें से प्रमुख गरीब एवं हाशिए के लोगों को विधिक सहायता देना, साथ ही साथ न्यायालय में लंबित प्रकरणों एवं उन प्रकरणों में जिन में पुनः मुकदमा किया जाना संभावित है को मध्यस्थ के माध्यम से निस्तारित कराना है।

श्री पाठक द्वारा बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सुझाव पर एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम के तहत 4 अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है, जो विचाराधीन पात्र बंदियों को उनकी गिरफ्तारी एवं रिमांड के चरण से उनको कथिपय परिस्थिति में दोष सिद्ध एवं अपील के स्तर पर भी सहयोग दिया गया है। उनके द्वारा सभी लोगों से आह्वान किया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 मई में अपने-अपने प्रकरणों को नियत कर निस्तारित करें।






