सन्तोष दयाल
म्योरपुर, सोनभद्र। ब्लॉक सभागार में संविधान निर्माता भारत रत्न डा0 भीम राव अम्बेडकर जी के जयन्ती के अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोड़ ने कहा कि बाबा साहब जी का जीवन अनुकरणीय है, जिनके योगदान से पूरा देश गौरवान्वित है, उनका सम्पूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा उस समय देश में सामाजिक असमानता भेदभाव छुवाछूत चरम पर था।

जिसके विरोध में उन्होंने भारत देश में सामाजिक असमानता के उन्मूलन के लिए संघर्ष किया उनका कहना था कि जब मानव – मानव से इतना घृणा करेगा तो उस राष्ट्र की प्रगति कदापि सम्भव नहीं है
बाबा साहब ने भारत के संविधान के निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभायी, जिसके चलते उन्हें संविधान का जनक भी कहा जाता है, डाॅ० भीमराव अम्बेडकर बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और उनकी माता का नाम भीमाबाई सकपाल है।

उन्होंने अपने जीवन काल में भारतीय समाज में समानता लाने के लिए काफी प्रयास किये, उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया, बाबा साहेब कहा करते थे कि वे ऐसे धर्म को मानते हैं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाई-चारा को बढ़ावा देता है, उनका मानना था कि जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए, सन् 1990 में उन्हें मरणोपरान्त भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न भी दिया गया।

प्रधान संघ अध्यक्ष प्रेम चन्द यादव ने कहा कि समाज में जो लोग आज भी भेदभाव जैसी भावना रखते हैं उन्हें समस्त मानव जाति को एक समान व्यवहार करना चाहिए क्योंकि जो जहाँ जन्म लिया उसी जाति का हो जाता है आम नागरिकों को बराबरी के दर्जे के साथ उनका हक दिलाने का काम किया तथा भारतीय संविधान की देन ही है। म्योरपुर ब्लॉक के मुख्य विकास अधिकारी उमेश सिंह ने कहा कि समाज के लोगों को अम्बेडकर जी के सपनों का भारत बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए इस मौके पर कई क्षेत्र पंचायत सदस्य , सुधीर कुमार, सुरज इत्यादि उपस्थित रहें/




