HIGHLIGHTS
- तहसीलदार ने कहा कोई भी नई परंपरा के लिए शासन की लेनी होगी अनुमति
- त्यौहार के मद्देनजर नगर में साफ सफाई, बिजली व पानी की आपूर्ति की मुकम्मल हो व्यवस्था
दुद्धी, सोनभद्र। आगामी 22 मार्च से नवरात्र व 23 मार्च से रमज़ान प्रारम्भ होने को है, दोनों त्यौहारों को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय कोतवाली परिसर में तहसीलदार ब्रजेश कुमार वर्मा के अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें सर्वप्रथम नवागत प्रभारी निरीक्षक सुभाष राय ने हिन्दू समुदाय के लोगों से नवरात्र के मद्देनजर आयोजित किये जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानकारी ली।

जिस पर जेवीएस अध्यक्ष ने कन्हैया लाल अग्रहरी ने कहा कि 22 मार्च को एकम के दिन संकट मोचन मंदिर तिराहे पर विभिन्न अखाड़ों के लोग रात्रि में एकत्रित होकर लाठी डंडे खेल का प्रदर्शन करेंगे। वहीं 30 मार्च नवमी के दिन शाम को निकलने वाले बाइक जुलुस, विभिन्न देवी देवताओं को निकलने वाली झांकी व उसी दिन होने वाले अखाड़े के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दिलीप पांडेय व सुरेंद्र अग्रहरी ने रामनवमी के दिन पिछले वर्ष के तुलना में इस वर्ष प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाए, वहीं इन दोनों त्यौहारों के दरमियान बिजली व पानी की आपूर्ति सुचारू बनी रहे। जिस पर नगर पंचायत प्रसाशन व बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। सारी बिंदुओं पर चर्चा उपरान्त तहसीलदार ब्रजेश कुमार वर्मा ने कहा कि नवमी के दिन कोतवाली के पीछे से पारंपरिक रास्ते जुलुस को गुजरना है।

मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद में 8:35 रात्रि पर नमाज खत्म कर 2 मिनट में मस्जिद खाली कर देना है। वहीं इसके बाद 40 मिनट में हिन्दू पक्ष के लोगों को जुलूस को पार करना है।
उन्होंने कहा कि कोई भी पक्ष नई परंपरा शुरू करने के लिए शासन की अनुमति लेना जरूरी है। उन्होंने कहा सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है अगर आपसी सद्भाव बनी रहे, कही कोई समस्या उत्पन्न नही होगी।

क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन चौकन्नी है, कही से कोई दिक्कत नही होगी, इसका पूरा अश्वासन उन्होंने दिया। इस मौके पर चौकी इंचार्ज संजय सिंह, एसआई दिग्विजय सिंह, अमवार चौकी इंचार्ज चंद्रशेखर सिंह, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव, जेवीएस महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता, नन्दलाल अग्रहरी, संजू तिवारी, राकेश घुसिया, सदर कल्लन खाँ, राफ़े खान, इब्राहिम खां, फकरुद्दीन अंसारी के साथ कई गांवों के ग्राम प्रधान मौजूद रहे।




