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- प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने उपकेंद्र पर लिया सुरक्षा का जायजा
नीरज गुप्ता
बीजपुर, सोनभद्र। बिजली कर्मियों ने तीन दिसंबर को ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में हुए लिखित समझौते को लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति ने 15 मार्च को कार्य बहिष्कार और 16 मार्च की रात से 72 घंटे की हड़ताल का एलान किया है।

बिजली कर्मचारियों के हड़ताल से आम लोगों को कोई परेशानी न हो जिसको देखते हुए सरकार ने भी कमर कस लिया है। कुछ संगठनों ने हड़ताल में सम्मिलित होने का निर्णय नहीं लिया है तथा संविदा कर्मियों ने भी हड़ताल से दूरी बना रखी है बीजपुर क्षेत्र में भी बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से गुरुवार को बदहाल हुई विद्युत आपूर्ति शुक्रवार को संविदा कर्मियों के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित रही। बीजपुर राय कॉलोनी स्थित 33/11 उप केंद्र पर तैनात संविदा कर्मियों ने विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में जी जान से लगे रहे।
उप केंद्र पर तैनात संविदा कर्मियों ने बताया कि उपकेंद्र पर तैनात 4 सरकारी विद्युत कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से हमें अकेला ही कार्य करना पड़ रहा है हम लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही है। लेकिन हमारा पूरा प्रयास है कि बिजली सप्लाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो।कर्मियों ने बताया कि इस स्टेशन से डूमरचूआ, सिरसोती, डोडहर, नकटु अधौरा, खैरी, मोखना, कोड़ार,बीजपुर सहित अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति की जाती है।
उधर डीजीपी उत्तर प्रदेश से मिले निर्देशों के अनुसार प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह से सक्रिय है प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने मय फोर्स उप केंद्र का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात बिजली संविदा कर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया और कहा कि यदि विद्युत आपूर्ति में कोई भी व्यक्ति बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करें तो फौरन इसकी सूचना उपलब्ध कराएं ऐसे सख्स के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली कर्मियों की मांग है कि कार्यरत एवं सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों के घरों पर मीटर नहीं लगाया जाए, विद्युत उत्पादन एवं पारेषण की निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए, ओबरा एवं अनपरा में 800-800 मेगावाट क्षमता की दो-दो इकाइयों के निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य एनटीपीसी या किसी अन्य इकाई के बजाय उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम को दी जाए, बिजली कर्मियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए, तेलंगाना व राजस्थान की तरह संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।






