4 मार्च को मनाया जाए सोन महोत्सव -दीपक कुमार केसरवानी

HIGHLIGHTS

  • 4 मार्च 1989 को नवीन मंडी समिति के मंच पर हुआ था जनपद का शानदार उद्घाटन।
  • दीप जलाकर, पटाखे फोड़ कर नगर वासियों ने मनाई थी खुशियां।
  • जनपद के सृजन में पत्रकारों, अधिवक्ताओं, राजनीतिज्ञों, नागरिकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका।
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। सांस्कृतिक, साहित्यिक, कलात्मक औद्योगिक, शिक्षा, चिकित्सा, दूरसंचार, यातायात साधनों से समृद्ध जनपद सोनभद्र विकास की ओर उन्मुख है।

जनपद सृजन के आंदोलन में सहभागी, वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार- 4 मार्च 1989 को मिर्जापुर के दक्षिणांचल को सोनभद्र जनपद के रूप में एक नई पहचान मिली थी। जनपद मिर्जापुर के दक्षिणांचल के नाम से आधुनिक सोनभद्र को जाना जाता था। क्षेत्र में रॉबर्ट्सगंजएवं दुद्धी तहसील कायम थी। ‌
सोनभद्र जनपद के सृजन में रॉबर्ट्सगंज तहसील के साहित्यकारों, पत्रकारों, समाजसेवियों, राजनेताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इनमें सर्वप्रथम रॉबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र के सांसद स्वर्गीय राम प्यारे पनिका, विधायक तीरथराज, प्रख्यात पत्रकार महावीर प्रसाद जालान, सत्यनारायण जालान, युवा पत्रकार राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, बिमल जालान, रविंद्र केसरी,मुर्तुजा हसन हाशमी, कपिल देव पांडे, हंस नाथ पांडे, युवा राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता,जितेंद्र सिंह, अधिवक्ताओं में चंद्र भूषण मिश्रा, महेंद्र नाथ पांडे, रमेश देव पांडे, रॉबर्ट्सगंज नगर में आंदोलन के नेतृत्व को धार देने वाले युवा श्याम राय, श्याम दुबे, सुधांशु राय, ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, भोलानाथ मिश्रा , दीपक कुमार केसरवानी आदि युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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4 मार्च 1989 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद के उद्घाटन की तिथि तय कर दी गई थी और इस तिथि के पूर्व ही जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां शुरू कर दी थी।
सोनभद्र के हर वर्ग में उत्साह का माहौल था और सभी लोग बड़ी बेसब्री से 4 मार्च की प्रतीक्षा कर रहे थ।
4 मार्च 1989 का दिन हम लोगों के लिए एक अनमोल अवसर लेकर आया।
मुख्यमंत्री का उड़न खटोला निर्धारित समय से 1 घंटे बाद मंडी समिति के बने हुए हेलीपैड पर उतरा और तमाम औपचारिकताओं के बाद मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी नवीन मंडी समिति परिषद के मंच पर सोनभद्र जनपद के

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मानचित्र का अनावरण करते हुए जनपद का उद्घाटन करते हुए कहा था कि -” उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर एक नए जनपद का उदय हुआ है और एक दिन यह जनपद भारतभद्र बनेगा उन्होंने इस जनपद के युवाओं को रोजगार और जनपद विकास की तमाम बातें कही थी और एक स्लोगन दिया था कि अमीरों से पैसा लो गरीबों को पैसा बाटो, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण उन्होंने रॉबर्ट्सगंज को अस्थाई मुख्यालय घोषित किया था।

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आज हमारा जनपद सोनभद्र जिस प्रकार उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनपद सोनभद्र को इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, हवाई अड्डा इत्यादि सरकारी योजनाओं की सौगात दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार जनहित में किया गया उत्कृष्ट कार्य है.
सोन महोत्सव समिति के सदस्य दीपक कुमार केसरवानी ने उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन से मांग किया कि सोनभद्र स्थापना दिवस (4 मार्च) को यादगार बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सोनभद्र की सांस्कृतिक, साहित्यिक, कलात्मक, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित पर चलाई जाए चलाई जा
रही योजनाओं को प्रदर्शित करती हुई सोन महोत्सव का आयोजन कराया जाए।

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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