HIGHLIGHTS
- नाम छोटा स्कूल, काम बड़ा : अजय शेखर
- माय छोटा स्कूल का वार्षिकोत्सव
- नन्हे मुन्ने बच्चों ने दिल जीत लिया

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। जिन बच्चों को अभी ठीक से चलना नहीं आया है, वे गायत्री मंत्र सहित विभिन्न श्लोकों का उच्चारण कर रहे हैं, वास्तव में यह अनूठा प्रयास है जिसे माय छोटा स्कूल बखूबी से अंजाम दे रहा है, यह कहना था किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ओमप्रकाश त्रिपाठी का जो स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कार के साथ बच्चों को दी जा रही शिक्षा एक अनुकरणीय कदम है।


अध्यक्षीय उदबोधन में प्रख्यात साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि छोटे बच्चों को संभालना बहुत ही जिम्मेदारी का कार्य होता है, तुतलाने वाली उम्र के बच्चों से अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत में कविता या श्लोक पाठ निश्चित रूप से सराहनीय है जिसके लिए स्कूल प्रबंधन बधाई का पात्र है।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई, स्कूल की प्रिंसिपल रागिनी विशेष ने मुख्य अतिथि व अध्यक्ष सहित विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी, पूर्व विधायक रमेशचन्द्र दुबे, सुशील राही का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम से स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों की उचित देखभाल के लिए संज्ञा त्रिपाठी गीता सिंह आराधना त्रिपाठी प्रिया उपाध्याय को बेस्ट मदर के खिताब से सम्मानित किया गया।

जब तालू कटे होंठ और एक दिव्यांग बच्चे ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा । अभिभावकों ने इन बच्चों के प्रशिक्षण के लिए स्कूल प्रबंधन की जमकर सराहना की ।
दो से चार वर्ष के बच्चों द्वारा विभिन्न नृत्य, एकांकी और गीतों की प्रस्तुति ने सबका दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रबंधक विशेष पाण्डेय ने अतिथियों व अभिभावकों का आभार ज्ञापन किया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से शशिकांत चौबे, मदन मोहन पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, अश्विनी शुक्ला, यासमीन, कशिश सिंह, प्रतिभा सिंह, नेहा उपस्थित रहे।






