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- नर्सिंग होम व पैथालॉजी के लिए फर्जी लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ हो कठोर कार्यवाही- डॉ धर्मवीर
सोनभद्र। रविवार को भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ धर्मवीर तिवारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महाशिवरात्रि के दिन जिस तरह से यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करते हुए सीएमओ सोनभद्र को निलंबित कर दिया और यह साफ संदेश दे दिया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले और भ्रष्टाचार करने वालों को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूर्व जिला अध्यक्ष ने बृजेश पाठक के इस बड़ी कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा है कि सोनभद्र दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ ही घंटों में जिले की नब्ज को पकड़ लिया और तत्काल कार्यवाही कर अपना संदेश भी दे डाला। डॉ धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में जिस तरह से स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई थी डॉक्टर लोग दवाईं मरीजों को बाहर से लिखते थे। गरीब दवा लेने के लिए परेशान होता था। पीएससी, सीएससी सेंटरों पर, सीएससी सेंटर ओपन अधीक्षक मनमाना तरीके से बेलगाम हो कर गरीबों का शोषण कर रहे थे और सीएमओ मूक दर्शक बनकर देख रहे थे और भ्रष्टाचार चरम पर था, हर दिन जिस तरह से अवैध नर्सिंग होम व पैथोलॉजी सेंटर खोले जा रहे थे।

इस कार्यवाही के बाद शायद अब उन पर अंकुश लगना शुरू हो जाएगा । उन्होंने कहा कि पूरे जिले में जिस तरह से गरीबों का इलाज के नाम पर शोषण किया जा रहा है और उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, इस रैकेट में सरकारी डॉक्टरों से लेकर तमाम स्वास्थ्य महकमे के बाबू व कई अधिकारी संलिप्त हैं इसकी गहन जांच कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी भी ऐसे तमाम भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी जिले में मौजूद हैं जो सरकार की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं और सरकार की छवि धूमिल करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम अधिकारी व कर्मचारियों की पहचान कराई जाएगी और उन्हें दंडित भी कराया जाएगा।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि सोनभद्र में छोटे-छोटे आवासी कमरों में जिस तरह नर्सिंग होम चल रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग को कभी दिखता ही नहीं। जब कभी आवाजें उठती हैं तो दिखावे के नाम पर कार्यवाही तो कर दी जाती है मगर कुछ दिनों बाद उन्हें फिर से खोल दिया जाता है। आखिर ऐसा क्या हो जाता है कि कुछ दिनों बाद में सारे नियम के दायरे में आ जाते हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि ऐसे अधिकारियों की जांच होनी चाहिए जो अवैध नर्सिंग होम व पैथालॉजी के लिए फर्जी लाइसेंस जारी करते हैं । उन्होंने एक बार फिर स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होंने सोनभद्र दौरे में आकर जनता की समस्याओं को सुना और उसे महसूस करते हुए त्वरित कार्यवाही भी की।




