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- ब्लाक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति सहित अन्य टास्क फोर्स की हुई बैठक

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। विकास खण्ड राबर्ट्सगंज के सभागार कक्ष मे बृहस्पतिवार को ब्लाक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, बाल विवाह, महिला शक्ति केन्द्र की टास्क फोर्स की बैठक अध्यक्ष/ ब्लाक प्रमुख अजीत रावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमे विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गयी।

कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख ने कहा कि मारकुण्डी गांव को बालमैत्री गांव के रुप में विकसित कराया जायेगा। तो वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश कुमार खैरवार द्वारा बताया गया कि बाल मैत्री गांव वह होता है, जहां नियमित ग्राम बाल संरक्षण समिति की बैठकें आयोजित की जाती है और बच्चों व महिलाओं से संबंधित समस्त बिंदुओं पर उक्त समिति में समीक्षा की जाती है।

इस समिति का प्रमुख गांव का प्रधान होता है। जबकि सदस्य सचिव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होती है। इसके सदस्य के रुप में आशा, एएनएम, प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ इसी गांव के दो बच्चे नामित किए जाते हैं। जिसका एक रजिस्टर भी बनाया जाता है। हर बैठक की कार्यवृत्ति अंकित की जाती है और समिति के अध्यक्ष और सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य होता है। इस समिति का काम बच्चों के विकास के लिए जरूरी चीजों की सतत निगरानी करना होता है। साथ ही समय समय पर बच्चों को बैठाकर उनकी राय जानते हुए उनकी रुचि के अनुकूल गांव के विकास में उनके योगदान पर भी मंथन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण समिति के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह नियमित अंतराल पर बैठकों का आयोजन करें। इसमें सफाई कर्मचारी को भी बुलाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल परिसर के आसपास की नियमित सफाई व पौधरोपण पर भी ध्यान दिया जाए ताकि गांव का पर्यावरण संतुलित हो और बच्चों को उन पौधों के माध्यम से उनकी उपयोगिता बताई जा सके। सभी ब्लाकों में एक गांव बनेगा बाल मैत्री फिलहाल मारकुण्डी गांव को मॉडल के रुप में चुना गया है। धीरे धीरे जिले के सभी 10 ब्लाकों में हर ब्लाक के एक एक गांव को बाल मैत्री के रुप में विकसित किया जाएगा। ताकि प्रदेश स्तर पर सोनभद्र बाल मैत्री गांव के रुप में जाना जा सके। खण्ड विकास अधिकारी उमेश सिंह
ने बताया कि ग्राम बाल संरक्षण समिति की सदस्य सचिव के रुप में नामित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देशित किया गया है कि वह बाल मैत्री गांव के मानक पर नियमिति कार्य करें और गांव को सारी योजनाओं से संतृप्त करते हुए जल्द से जल्द गांव को बाल मैत्री गांव के रूप में विकसित कराया जायेगा।

इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा समिति के कार्यो के बारे में बताया गया कि गांव में बाल विवाह को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के उपाय करना,गांव के संपूर्ण बच्चों का टीकाकरण,स्कूलों में शत प्रतिशत नामांकन,एक भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, इसके लिए सतत निगरानी की व्यवस्था करना,बीच में स्कूल छोड़ चुके बच्चों का फिर से स्कूल में नामांकन और उनका ठहराव कराना, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत प्रतिशत नियमित उपस्थिति, आंगनबाड़ी केंद्र का नियमित खुलना और उसके कार्मिकों की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, गांव में खुली जगह पर शौचालय से मुक्ति, किशोरियों में सैनेटरी पैड का नियमित वितरण, मिड डे मील का वितरण, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चिता, बच्चों के लिए खेल के मैदान और योग संबंधी गतिविधियां आयोजित करना, बच्चों के पोषण विकास, विकास के स्तर की निगरानी करना, बच्चों के लिए सुरक्षात्मक माहौल का सृजन करना।
बैठक मे सहायक विकास अधिकारी रविदत्त मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजीत कुमार सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी रोमी पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता आकांक्षा उपाध्याय, महिला शक्ति केंद्र से महिला कल्याण अधिकारी नीतू सिंह, जिला समन्वयक साधना मिश्रा, सीमा द्विवेदी वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रशासक दीपिका सिंह एवं सुपरवाइजर, ग्राम प्रधान,क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।



