पाक्सो एक्ट: दोषी हरिओम उर्फ टीकम को उम्रकैद

HIGHLIGHTS

  • एक लाख 70 हजार रूपये अर्थदंड ना देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
  • दो नाबालिग लड़कियों व एक नाबालिग लड़के का अपहरण व दुष्कर्म का मामला
  • अर्थदंड की समूची धनराशि दोनों पीड़िताओं व पीड़ित को मिलेगी

सोनभद्र। साढ़े पांच वर्ष पूर्व दो नाबालिक लड़कियों व एक नाबालिक लड़के का अपहरण व दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी हरिओम उर्फ टीकम को उम्रकैद एवं एक लाख 70 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

Advertisement (विज्ञापन)

अर्थदंड की समूची धनराशि दोनों पीड़िताओं व पीड़ित को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 16 मई 2017 को घोरावल थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 14 मई 2017 को रात्रि करीब 2 बजे घोरावल थाना क्षेत्र के धनावल गांव निवासी हरिओम उर्फ टीकम पुत्र विजय कुमार तिवारी उसके घर की खिड़की से झांक रहा था।

Advertisement (विज्ञापन)

जब उसके पिता जी ने उससे पूछा कि क्या कर रहे हो तो उसने कहा की उसका चप्पल छूट गया है वहीं लेने आए हैं। इसपर उसे डांट कर पिताजी ने भगा दिया और यह कहा कि सुबह आकर ले जाना। जब सुबह 8 बजे आधार कार्ड की जरूरत पड़ी तो घर में जाकर देखा तो बक्सा ही गायब था। उसमें 35 हजार रूपये नकद, सोने व चांदी के जेवर भी थे। यह भी पता चला कि सुबह उसकी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी, उसकी 10 वर्षीय पड़ोसी की बेटी व उसका भांजा जो नाबालिग है हरिओम उर्फ टीकम के घर गए थे। जिनका पता नहीं चल रहा है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने रुपानी खेड़ा मजरा जिला उन्नाव से लापता बच्चों को बरामद किया। पीड़ित बच्चों का बयान लेने के बाद धारा में बढ़ोत्तरी की गई।

Advertisement (विज्ञापन)

विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी हरिओम उर्फ टीकम को उम्रकैद एवं एक लाख 70 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि क्रमशः 40 प्रतिशत, 40 प्रतिशत दो पीड़िताओं व 20 प्रतिशत पीड़ित को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

Advertisement (विज्ञापन)

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

Sanskriti Live is a news website. Where you can read news related to religion, literature, art, culture, environment, economic, social, business, technology, crime, agriculture etc. Our aim is to provide you with correct and accurate information. This news website is operated by Sanskriti Live News Network (OPC) Pvt. Ltd. If you want to join us, you can contact us on 7007390035 or info@sanskritilive.in.

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें