दुद्धी, सोनभद्र। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के तत्वाधान में वनाधिकार एवं विभिन्न समस्यायों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन शुक्रवार को दुद्धी तहसील प्रांगण में किया गया। जिसकी अध्यक्षता दयाशंकर सिंह कोरचो संयोजक विधान सभा दुद्धी ने किया। इस दौरान रामाशंकर सिंह पोया प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि आजादी के 75 वाँ वर्ष बीत गए। सरकार आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार पांचवी, छठवीं अनुसूची अभी तक लागू नही किया।

वनाधिकार अधिनियम का परिपालन सही ढंग से नही किया जा रहा है। पंचायत नगर निकाय चुनाव में सीटों का आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। मूल निवासियों के उनके रहवास जल जंगल जमीन से बेदखल कर रहे हैं। सरकार की दोहरी नीति बर्दास्त नहीं। आदिवासियों का सामाजिक सामाजिक आर्थिक धार्मिक आध्यात्म से खिलवाड़ कर रही है। जिलाध्यक्ष रामनरेश पोया ने कहा कि जनपद सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है।

आजादी के बाद विकास के क्रम में दुद्धी को जिला बनाना आवश्यक है। विकास के नाम पर बांध नहर कलकारखाना, पॉवर प्रोजेक्ट खादान आदि खुलवाया गया और यहां का मूल निवासी कई कई बार विस्थापित हुए। वन भूमि में निवासरत वन उत्पाद से जीवकोपार्जन कर रहे है, वन विभाग द्वारा भी यहां वहां खदेड़ा गया। वनाधिकार अधिनियम 2005 के तहत दावा पत्रावली भरे नाम गाटा का कुछ लोग को अधिभोग प्रमाण पत्र दिया गया, बाकि लोगों का दावा पत्रावली खारिज करके नोटिस दिया जा रहा है। कितने लोंगो का पत्रावली गायब है। कुछ लोगों का दावा विचाराधीन है, वन विभाग द्वारा गढ्ढा खुदान जारी है।

शासन प्रशासन अधिभोग प्रमाण पत्र देने में हिला हवाली कर रही है। अब आदिवासी मूलनिवासी जल, जंगल, जमीन के लिए बड़ा आंदोलन के लिए बाध्य है। इस मौके पर जिला सचिव रामचंद्र टेकाम, विधान सभा सचिव ओबरा कमलेश पोया, महिला मोर्चा संगठन मंत्री प्रमिला आर्मो, महिला मोर्चा ब्लॉक संगठन मंत्री दुद्धी सविता देवी कोरचो, महिला मोर्चा संगठन मंत्री फूलवंती देवी कोरचो, रामफल टेकाम, अनिल पोया, सोनाबच्चा पोया, अवध सिंह चेरों, राजकुमार टेकाम, मंजू मरपच्ची, किस्मतिया देवी केराम, सुबासो देवी पोया, रजवंती चेरों, कलावती उमराव( पोया), देव कुमार आयाम, रामरतन केराम, संतोष मरपच्ची उपस्थित रहे। संचालन जिला सचिव संगठन मंत्री दुद्धी प्रभारी हीरालाल मरपच्ची ने किया।






