सोनभद्र। आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड की ओर से एक नई मुहिम की शुरुआत हुई है। सोनभद्र जिले के कॉलेक्ट्रेट सभागार में वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम जागरूकता कार्यक्रम की 2 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह द्वारा मंगलवार को किया गया।

इस जागरूकता अभियान की शुरुआत संगम नगरी प्रयागराज में गत 28 दिसंबर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल आर पी साही एवं प्रयागराज के जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री द्वारा किया गया गया था। इस जागरूकता अभियान कार्यक्रम में कार्यदायी संस्था टाइम्स प्रो के प्रोजेक्ट मैनेजर पवन कुमार पांडेय उपस्थित थे। टाइम्स प्रो के मुख्य वित्त अधिकारी और अध्यक्ष दृ इंटरप्राइज और सकिलिंग अरुन काबरा संदेश के माध्यम से बताया कि प्रयागराज मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में सबसे ज्यादा आकाशी बिजली से मौतों की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों में आकाशीय बिजली को लेकर जागरूकता लाई जाए तो जन-हानि और पशु-हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उनके मुताबिक मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की प्रेरणा से प्रयागराज से इस अभियान की शुरुआत की गई और मिर्जापुर के बाद सोनभद्र में भी जागरूकता के कार्यक्रम किए जाएंगे इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में यह कार्यक्रम होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद ब्लॉक स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया है कि आकाशीय बिजली आने पर लोग पेड़ के नीचे चले जाते हैं। जबकि वहां सबसे ज्यादा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना रहती है। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि एक पारदर्शी टेन्डर प्रक्रिया के तहत टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड का चयन इस परियोजना के कार्यादायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया गया है, जिसके अध्यक्ष स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी होते हैं। उन्होंने बताया कि सोनभद्र जिला प्रशासन के लिए आपदा प्रबंधन हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण रहा है। क्योंकि यह जनपद वज्रपात एवं अन्य देवीय आपदाओं के दृष्टि मे अत्यंत संवेदनशील है। जनपद में होने वाली वज्रपात की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों में सही जानकारी के आभाव में होने वाली मौतों को नहीं रोक जा सका। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से यह अपेक्षा किया कि सभी प्रतिभागी अपने अपने क्षेत्रो में जाकर जो भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीखेंगे अपने- अपने विभागों में उसे आगे बढ़ाएँगे।


उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप मे दुद्धी ब्लॉक ईर्ली वार्निंग सिस्टम भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और टाइम्स ग्रुप को इस परियोजना को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया तथा टाइम्स ग्रुप, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को इस कार्यक्रम को आयोजित करवाने के लिए धन्यवाद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहदेव कुमार मिश्र ने जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कि तरफ से सभी अतिथियों और प्रतिभागियो का धन्यवाद करते हुये राज्य सरकार और जिला प्रशासन की योजनाओ और उनमें आपदा प्रबंधन की भूमिका को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना तभी सफल हो सकती है जब इसमें जन भागीदारी का समावेश हो और यही इस योजना का उद्देश्य भी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सभी सरकारी विभागों के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है और ये परियोजना उसी प्रयास का हिस्सा है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि सोनभद्र जनपद वज्रपात कि घटनाओं की दृष्टि में अत्यंत संवेदनशील है और यह परियोजना वज्रपात से होने वाली जन हानि को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि वज्रपात कि घटनाओं में ज्यादातर लोगों की जान सही जानकारी न होने की वजह से चली जाती है।
उन्होंने वज्रपात संभावित क्षेत्रों मे जन जागरूकता अभियान के साथ साथ वज्रपात के बारे सटीक पूर्वानुमान को जन जन तक पहुचाने पर बल दिया। टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञ एवं मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार सिंह ने वज्रपात के कारण, वज्रपात के लक्षण, रोकथाम एवं बचाव के उपायों के साथ साथ पूर्व चेतावनी देनी वाली दामिनी एप की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि लोग बिजली के खंभे के आसपास खड़े हो जाते हैं। यहां भी खतरे की संभावना ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा है कि लोगों को यह समझाया जा रहा है कि आकाशीय बिजली आने पर पक्की छतों के नीचे चले जाएं। जहां पर खतरा सबसे कम होगा। प्रशिक्षक डॉक्टर सतेन्द्र कुमार ने आपदा प्रबंधन, राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की भूमिका एवं अन्य आपदाओं के रोकथाम एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित हो रहा है एवं जिला आपदा सलाहकार पवन शुक्ला द्वारा इस कार्यक्रम में संचालित 3 प्रक्रिया (जिला स्तर, सभी ब्लॉक स्तर एवं समस्त ग्राम पंचायत स्तर पर ) जागरूकता अभियान चलाये जाने हेतु आगामी योजना की जानकारी देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम में जिला स्तर के अधिकारियों के साथ समस्त उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, होमगार्ड्स के जिला कमांडेंट, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अपर जिला सूचना अधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारी तथा प्रत्येक तहसील के 3-3 लेखपालों सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को आकाशीय बिजली के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अहम जानकारी दी गई है। माननीय मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य में वज्रपात के प्रति सबसे संवेदनशील तीन जिलों सोनभद्र, मिर्जापुर एवं प्रयागराज में सरकारी अधिकारियों और समुदायों की क्षमता को विकसित के लिए सक्रिय पहल के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने “वज्रपात सुरक्षा जन जागरूकता कार्यक्रम” को निष्पादित करने के लिए टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड, जो कि टाइम्स समूह की कंपनी है, के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत अगले 2 से 3 महीनों में सोनभद्र, मिर्जापुर एवं प्रयागराज में जिले, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर वृहद कार्यशालाएं आयोजित करके 45 प्रखंडों के लगभग 4000 अधिकारियों और सबसे प्रभावित सोनभद्र जिले के 637 गावों में वज्रपात के प्रति जन-जागरूकता का लक्ष्य रखा गया है। कार्यशाल प्रशिक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर रमेश कुमार, उप जिलाधिकारी ओबरा राजेश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी दुद्धी शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी रामलाल, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, जिला पूर्ति विभाग के आर0ओ0 रिपुसुदन आर्या, आपदा विभाग के ओमकार श्रीवास्तव, आपदा सलाहकार पवन शुक्ला सहित जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहें।



