सोनभद्र। प्रान्तीय समन्वय समिति, राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के सदस्य अशोक कुमार त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव (माध्यमिक शिक्षा) दीपक कुमार तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनन्द को पत्र एक पत्र भेजा है जिसमें लिखा है कि महानिदेशक के दिनांक- 01 दिसम्बर, 2022 के प्रस्ताव जिसमें सहायक अध्यापक/प्रवक्ता वेतन क्रम में कार्य शिक्षकों का 30 दिन का चिकित्सा अवकाश/उपार्जित अवकाश जिला विद्यालय निरीक्षक/जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) को देना प्रस्तावित कर प्रमुख सचिव (माध्यमिक शिक्षा) की सेवा में प्रस्ताव अनुमोदनार्थ प्रेषित है में संशोधन की मांग की है।

अब तक 30 दिन तक का चिकित्सा अवकाश प्रधानाचार्य/ प्रधानाध्यापकों द्वारा स्वीकृत किया जाता रहा है। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रयासों के परिणामस्वरूप अर्जित इस व्यवस्था को वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार परिवर्तित करने से कार्यालयीन भ्रष्टाचार में वृद्धि होगी। शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को अनावश्यक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।

इस प्रस्ताव से प्रदेश के राजकीय शिक्षक-शिक्षिकाओं में क्षोभ एवं निराशा का वातावरण व्याप्त हो गया है। इसके अलावा इसमें यह उल्लिखित है कि यह प्रस्ताव राजकीय शिक्षक संघ द्वारा की गई मांग के आधार पर किया गया है जबकि किसी भी राजकीय शिक्षक संघ द्वारा ऐसी मांग अद्यतन नहीं की गई है। इसको दृष्टिगत रखते हुए इस प्रस्ताव को संशोधित करते हुए 30 दिन तक के चिकित्सा/ उपार्जित अवकाश सम्बन्धी प्रस्ताव में संशोधन करते हुए स्वीकृतकर्ता अधिकारी प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक को ही पूर्ववत रखने की मांग की गई है।





