बीते शाम से एक प्रार्थना पत्र के वायरल होने व पुलिस कर्मियों की पत्नियों पर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप सहित 01 इंस्पेक्टर सहित 17 पुलिसकर्मियों पर अवैध मादक पदार्थों के धंधे में लिप्त होने की बात की गई थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने मीडिया से प्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह पूरा मामला झूठा है। इससे पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। जिले में कल शाम से एक प्रार्थना पत्र के वायरल होने व उसमें पुलिस कर्मियों की पत्नियों पर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप सहित 01 इंस्पेक्टर सहित 17 पुलिसकर्मियों पर अवैध मादक पदार्थों के धंधे में लिप्त होने की बात की गई थी। उक्त वायरल पत्र के जवाब में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह मीडिया के सामने आएं और पूरे मामले को झूठा करार देते हुए इसे पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश बताया। उन्होंने बताया कि जिनके हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है, उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा इस तरह का कोई भी प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। उनके हस्ताक्षरों को फर्जी तरीके से करके ये पूरा मामला सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की गई।








