HIGHLIGHTS
- खेतों में आई हरियाली तो, सुख ग्रस्त गांव में आने लगी खुशहाली
संतोष कुमार, म्योरपुर (सोनभद्र): ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत फरीपान सांगोबांध और राजस्व गांव विश्रामपुर में वर्षाजल संरक्षण कर ग्रामीण जीवन स्तर में वृध्दि करने का प्रयास रंग लाने लगा है बनवासी सेवा आश्रम नाबार्ड लखनऊ के सहयोग से तीन गांवों में सघन रूप से पिछले चार वर्ष से वाटरशेड का कार्य कर रहा है। जनपद के छत्तीसगढ़ सीमा से लगे सांगोबांध, फरीपान व विश्रामपुर गांव के लगभग 1200 हेक्टयर भूमि का एरिया ट्रीटमेंट – फार्म बण्ड, मार्जिनल बण्ड, एलबीएस, ड्रम चेकडेम आदि कर भूजल स्तर बढाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले दिनों नाबार्ड लखनऊ के एरिया मैनेजर आनंद वर्धन का एक दिवसीय दौरा कार्य प्रगति जानने की दृष्टि से हुआ।

कार्य अवलोकन के दौरान एरिया मैनेजर आनंद वर्धन ने जलछाजन समिति सदस्यों व महिला समूह के सदस्यों को अधिक से अधिक आजिविका बढा़ने की बात कही। इस अवसर पर महिला किसानों को किचेन गार्डेन यंत्र व सिंचाई के लिए सोलर स्प्रिंकलर मशीन वितरण किया। कार्यक्रम संयोजक रमेश भाई ने बताया कि इस वर्ष खेती विकास के लिए किसानों को नेडेप, वर्मी खाद व कम्पोस्ट खाद व इमारती व फलदार पौधे किसानों के खेतों में लगवाए गये हैं।

उन्होने बताया कि एक महिला समूह के सदस्यों को जमुना पारी प्रजाति की 12 बकरियां दिये गये हैं जो अब उनके और 15 बच्चे हो गये हैं। उन्होने बताया कि एरिया ट्रिटमेंट से कुएं का जल 50 से 60 सेमी. बढा है। जिन खेतों में घास भी ठीक से नहीं उगता था उसमें अरहर, ज्वार जैसी फसल लहलहा रहा हैं। गांव के लोगों मे स्वच्छता, शिक्षा के प्रति व खुद निर्णय लेने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। गांव अपना निर्णय खुद लेकर अपने गांव का जीपीडीपी तैयार करने के साथ “पशु ऐरा प्रथा” पर रोक लगाकर “गांव की धरती गांव का राज, गांव-गांव में ग्राम स्वराज” नारे को भी चरितार्थ कर रहे हैं। इस अवसर पर विमलभाई, सुभाषचन्द्र, विशाल कुमार, प्रेमा देवी, राम-लखन कोरवा, बेचनराम, मीना देवी सहित अनेक महिला समूह व जलछाजन समिति सदस्य उपस्थित रहे।






