ऊर्जा निगम के मनमाने रवैये से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने किया विरोध सभा

अनपरा, सोनभद्र। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के प्रांत व्यापी जन जागरण कार्यक्रम के क्रम में ऊर्जा निगमों के प्रबंधन के दमनात्मक रवैय्ये को देखते हुए बृहस्पतिवार को शक्ति भवन पर सुबह 10 बजे से 5 बजे तक सत्याग्रह अनशन किया गया तथा अनपरा समेत सभी परियोजनाओं पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक हुई विरोध सभा कर प्रतिकार किया गया।

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सभा को संबोधित करते हुए इं अदालत वर्मा ने बताया कि लखनऊ में प्रबंधन के किसी भी दमनात्मक कदम का प्रान्त भर में सशक्त प्रतिकार करने हेतु सभी को एलर्ट कर दिया जाये और आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक जेल भरो के लिये सभी को तैय्यार रहना चाहिये। मांगों को न मांगने पर 29 नवम्बर से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार प्रारम्भ होगा ।

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इस दौरान इं रोहित राय ने कहा कि अन्याय के विरोध में निर्भय होकर संघर्ष के लिये तैयार रहें। पूरे अनुशासन में रहते हुये हमें शांतिपूर्ण ढंग से सत्याग्रह कार्यक्रम में सहभागिता करनी है। यदि प्रबंधन की ओर से कोई भी भड़काऊ कार्यवाही होती है तो हम उसका लोकतांत्रिक तरीके से सशक्त प्रतिकार करेंगे।
वही इं राजेश सचान ने कहा ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के स्वेच्छाचारी रवैये के कारण ऊर्जा निगमों को हो रही आर्थिक क्षति एवं व्याप्त भय के वातावरण को समाप्त कराने हेतु बिजली कर्मियों की वर्षों से लम्बित न्यायोचित समस्याओ के समाधान हेतु बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद कुछ भी सार्थक कार्यवाही न होने के कारण संघर्ष समिति ने सरकार व प्रबन्धन के ध्यानाकर्षण हेतु आन्दोलन का निर्णय लिया गया है।

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अभिषेक सिंह ने कहा कि सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लि का गठन किया जाये, केन्द्र के सार्वजनिक उपक्रमों की तरह प्रदेश के ऊर्जा निगमों में भत्तों का पुनरीक्षण किया जाये, रियायती बिजली की सुविधा पूर्ववत जारी रखी जाये, बिजली कर्मियों को कई वर्षों से लम्बित बोनस का भुगतान किया जाये, अन्य प्रान्तों की तरह समस्त संविदा कर्मियों को नियमित किया जाये।

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इं सत्यम यादव ने कहा कि अनपरा परियोजना में किये गए मंडलों/खण्डों एवं तदनुसार पदों की कटौती को वापस लिया जाय अन्यथा की स्थिति में सभी कर्मचारी एवं अभियंता लोकतांत्रिक तरीके से कार्यबहिष्कार पर चले जायेंगे तथा भ्रष्टाचार एवं फिजूलखर्ची रोकने हेतु लगभग 25 हजार करोड़ के मीटर खरीद के आदेश रद्द किये जायें व कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर की जायें।

इं उमेश पांडेय ने कहा कि ऊर्जा निगमों के सुचारू संचालन हेतु चेयरमैन, प्रबन्धन निदेशकों व निदेशकों के पदों पर चयन निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत किया जाये, सभी बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति 09 वर्ष, कुल 14 वर्ष एवं कुल 19 वर्ष की सेवा के उपरान्त 03 पदोन्नत पदों के समयबद्ध वेतनमान दिये जायें, सभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाये, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिए जायें तथा 765/400/220 केवी विद्युत उपकेन्द्रों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाने का निर्णय रद्द किया जाये, पारेषण में जारी निजीकरण प्रक्रिया निरस्त की जाये, आगरा फ्रेंचाईजी व ग्रेटर नोएडा का निजीकरण रद्द किया जाये, ऊर्जा कर्मियों की सुरक्षा हेतु पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाये।

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जारी आंदोलन को जिला संविदा कर्मचारी के सुरेंद्र पाल द्वारा भी समर्थन दिया गया।
वही सभा की अध्यक्षता इं योगेंद्र मौर्या एवं संचालन इं अभिषेक बरनवाल ने किया। इस दौरान सचिन राज यादव, सुमन झा, श्याम बिहारी सिंह, योगेंद्र मिश्रा, राजकुमार सिंह, राजीव यादव, कालिका प्रजापति, समेत सभी संगठनो के पदाधिकारी एवं सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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