दुद्धी, सोनभद्र। विकास खंड दुद्धी के ज्यादातर ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में झोलझाल है। विकास खंड का कोई ऐसा गांव नहीं जहाँ शौचालय में धांधली नहीं हुई है और जिम्मेदारों ने समूचे ब्लॉक को ओडीएफ घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन योजना को यहां के जिम्मेदार किस कदर मुंह चिढ़ा रहे है, यह धूमा ग्राम पंचायत के बाद अब मेदिनीखाड़ में देखने को मिल रहा है।

मेदिनीखाड़ के ग्रामीण चंद्रदेव पाल ने जब जिलाधिकारी, डीपीआरओ, बीडीओ से लेकर प्रधानमंत्री तक ग्राम पंचायत में शौचालय घोटाला की लगातार शिकायत की तो कुम्भकर्णी निद्रा में में सोए अधिकारियों की तंद्रा भंग हुई और गांव की जांच जब एडीओ पंचायत समर बहादुर से कराई गई तो गांव में 543 शौचालय में से 438 शौचालय पूर्ण व 12 शौचालय अपूर्ण पाए गए और ग्राम पंचायत में 33 लाभार्थियों का शौचालय बना ही नहीं है और उनके नाम स्वच्छ भारत मिशन के सूची अंकित है और उनका शौचालय पूर्ण दिखा गया है।

जिसको लेकर ग्राम प्रधान सुरेश कुमार पाल व सचिव भारत भूषण भारती को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर शौचालय पूर्ण कर प्रमाण पत्र अधोहस्ताक्षरी के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश बीते 10 अक्टूबर को ही दिए गए थे, पर 23 दिन बीत गए, ना हो गबन किये शौचालय का निर्माण शुरू हुआ और ना ही घोटालेबाजो पर कार्रवाई। शिकायतकर्ता चंद्रदेव पाल ने सीडीओ का ध्याज आकृष्ट कर मामले में कठोर कार्रवाई किये जाने की मांग उठाई है।

इस संबंध में डीपीआरओ विशाल सिंह ने कहा कि जांच मैंने नहीं कि है एडीओ पंचायत ने की है, जांच रिपोर्ट मेरे पास अभी नहीं पहुँची है, रिपोर्ट मंगवाकर आवश्यक कार्रवाई को निर्देशित करता हूँ।










