HIGHLIGHTS
- साक्षात बादलों से बने ओम का दर्शन किया सूर्य को अर्घ्य देती स्त्रियों ने
- सोनभद्र जनपद के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज राम सरोवर तालाब पर अद्भुत घटना घटित हुई
- मोबाइल कैमरे में अनायास कैद हुआ यह अद्भुत दृश्य

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। आस्था विश्वास, सूर्य उपासना का पर्व छठ के अवसर पर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज राम सरोवर तालाब पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देती स्त्रियों ने आसमान में एक अद्भुत नजारा देखा। बतादे कि जिस समय उदितमान सूर्य को व्रती स्त्रियां अर्घ्य दे रही थी उसी समय उन्होंने देखा कि नीले आसमान में भगवान सूर्य की चमकती सतरंगी किरणों के मध्य बादलों से बने ओम का उदय हुआ है।

बताते चलें कि यह अद्भुत खगोलीय दृश्य को शिक्षिका कुमारी तृप्ति ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। जो इस समय इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।

तृप्ति ने बताया कि बताया मैं राम सरोवर तालाब पर छठ पर्व की पूजा देखने गई थी और उस समय भगवान सूर्य उदय हो रहे थे, उनकी सतरंगी किरणो ने मुझे आकर्षित किया और मैंने आपके मोबाइल में उस दृश्य को कैद किया। लेकिन जब मैंने फोटो को देखा तो भगवान के किरणों के मध्य ओम की आकृति उभरी हुई थी।
भक्त प्रतिभा देवी का मानना है कि-जनपद में चल रहे चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं छठ पर्व की पूजा आदि का यह परिणाम रहा छठ पर्व के दिन आसमान में ओम का दर्शन अर्घ्य देती स्त्रियों को हुआ। ओम सभी मंत्रों, देवी-देवताओं के अनुष्ठान का मूल मंत्र है।

इस दौरान गायत्री महायज्ञ में शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे दल नायक सुरेंद्र सिंह अमृते ने ओम प्रतीक चिन्ह की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए बताया कि-“ओम का उच्चारण एवं प्रतीक चिन्ह के रूप में अंकित करने की रुद्रा हमारे वैदिक ग्रंथों में बताई गई है।
सारे अनुष्ठान पूजा- पाठ का प्रतिफल ओम के जाप से मिलता है। सोनभद्र जनपद के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज की राम सरोवर तालाब के आसमान मैं सूर्य की किरणों के मध्य ओम का अंकित होना यह साबित करता है कि 24 कुंडीय महायज्ञ एवं छठ पर्व का रखने वाली स्त्रियों के त्याग और तपस्या का प्रणाम है।
इस अद्भुत खगोलीय नजारे का दर्शन पूजन भगवान भास्कर को अर्घ्य देने वाली स्त्रियों ने किया जो हमारे लिए सौभाग्य की बात है।












