HIGHLIGHTS
- राम कालीन स्मृतियों को गीतों में सजोय हुए हैं सोनभद्र के आदिवासी- दीपक कुमार केसरवानी
- नगरीय एवं बनवासी सभ्यता का प्रतीक है करमा नृत्य
- भगवान श्री राम के प्रति समर्पित रहे हैं आदिकाल से आदिवासी।

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। राम कालीन स्मृतियों को गीतों में सजोये हुए हैं सोनभद्र के आदिवासी जन इसकी झलक भगवान राम के अयोध्या आगमन के शुभ अवसर दीपावली पर्व के पूर्व राम जन्म भूमि अयोध्या मे देखने को मिली।
जनपद सोनभद्र के आदिवासी कलाकार भगवान श्री राम की स्मृतियों को अपने हृदय में संजोए कर्मा लोकनृत्य का जलवा बिखेर कर कलयुग में भी भगवान राम के प्रति अपना समर्पण भाव प्रगट किया।

रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर/इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-विंध्य पर्वत के उत्तर भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या और इसके दक्षिण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सोनभद्र में निवास करने वाले नगरीय एवं जंगली जातियों का संबंध में सदियों से रहा है।

श्रीराम के वनवास काल में आदिवासीयों,
बनवासियों ने अयोध्या के राजकुमार भगवान राम को भगवान श्री राम बनाया।
वनवास कॉल मे दशरथ नंदन श्री राम विंध्य पर्वत को पार कर सोनभद्र जनपद के घोरावल के शिल्पी गांव से होते हुए संभवतः रामेश्वरम को गए थे और मार्ग में निवास करने वाले आदिवासियों वनवासियों ने उनका मार्गदर्शन किया था, जिसके कारण भगवान श्री राम, भार्या सीता, अनुज लक्ष्मण का वन मार्ग सुगम हो गया था।

साहित्यकार प्रतिभा देवी का मानना है कि-“विंध्य क्षेत्र में आदिवासी जंगलों के राजा रहे हैं और राष्ट्रीय आपदा के समय वे चक्रवर्ती सम्राट, अधीनस्थ राजाओं की युद्ध में सैन्य मदद करते थे और जंगल के रास्ते उन्हें खाद्य- रसद इत्यादि मुहैया कराते थे इसलिए कोई भी राष्ट्रीय सम्राट उन पर न तो कर लगाता था और नहीं उनके राज्यों को अपने राज्यों की सीमाओं में सम्मिलित करता था, वह सदियों से स्वतंत्र जीवन व्यतीत करते रहे।

आज भी सोनभद्र में रहने वाले आदिवासी जनों के हृदय में भगवान श्री राम बसते है।राष्ट्रीय धार्मिक, सांस्कृतिक त्योहारों पर आदिवासी कलाकार करमा नृत्य के माध्यम से नगरीय, वन्य सभ्यता निवास करने वाले लोगो के मित्रता,सहयोग को अपने गीत- नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं।

आज भी सोनभद्र जनपद में निवास करने वाली आदिवासी जातियां राम कालीन सभ्यता- संस्कृति को अपने नृत्य, गीत, संगीत के माध्यम से संरक्षित किए हुए हैं।




















