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- पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की हुई बैठक

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। अलग पुर्वांचल राज्य की मांग कर रहे संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की बैठक बुधवार को जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के तहसील में हुई जिसमें पृथक पूर्वांचल राज्य व अन्य समस्याओं को हल करने के विषय पर चर्चा हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने मांग किया है कि सोनभद्र जनपद आदिवासी क्षेत्र होने के साथ-साथ वन एवं पहाड़ो से आच्छादित है तथा बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमाओं से जुड़ा हुआ है किंतु आज भी यातायात एवं शिक्षा आदि के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है।इसलिए मोर्चा मांग करता है कि यहां पर एम्स जैसा संस्थान एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हो तथा जिले के राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर उच्च स्तरीय संसाधनों की व्यवस्था किया जाए तथा देश के मुख्य शहरों मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु के लिए ट्रेन चलाई जाए।

वही प्रदेश अध्यक्ष विमलेश त्रिपाठी ने कहा कि आजादी की लड़ाई और उसके बाद देश के विकास में पूर्वांचल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है लेकिन खुद पूर्वांचल हमेशा उपेक्षा का शिकार होता रहा है। यहां के लोगों ने देश के कला-साहित्य और संस्कृति को समृद्ध करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है, फिर भी पूर्वांचल और यहां के लोगों की लगातार अनदेखी की गई है। इसलिए पूर्वांचल के 28 जनपदों को मिलाकर एक पृथक पूर्वांचल राज्य स्थापना किया जाए।

इस दौरान जिला अध्यक्ष शिवप्रकाश चौबे ने कहा कि सोनभद्र में संपूर्ण पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है जिसमें सभी जनपदों के पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता भाग लेंगे । इस अवसर पर विभूतियों को “पूर्वांचल एकता सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। संचालन जिला महासचिव सत्यम शुक्ला एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर एड वी पी सिंह, एड पवन कुमार द्विवेदी, काकू सिंह, संदीप जायसवाल, अशोक कुमार कनौजिया एडवोकेट, ईश्वर जायसवाल एडवोकेट, दीपनारायण पटेल,एड नवीन पांडेय ,एड वीरेंद्र कुमार सिंह, संतोष चतुर्वेदी नेतराज पटेल, प्रदीप सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





