HIGHLIGHTS
- ग्रामीणों ने शासन- प्रशासन पर लगाया एन जी टी के आदेशों की अनदेखी का आरोप-
सोनभद्र। चोपन ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोटा के मुख्य मार्ग पर बुधवार को हरदी, कोटा, पिपरहवा, सत दुवारी, भालू कुदर, निगाई सहित दर्जन भर गांव के ग्रामीणों ने टाक्सिलाजिकल लैब की स्थापना की मांग को लेकर सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद के अगुवाई में प्रदर्शन किया और लैब की तत्काल स्थापना कराए जाने तथा ओबरा के चकाड़ी में रेणुका नदी में राख छोड़े जाने पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की।
इस दौरान रामेश्वर ने कहा कि कोटा और नई बस्ती, पटेल नगर, पिपरहवा, कचनरवा, कुड़वा,झिरगा डंडी सहित दर्जनों गांव के लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे है सैकड़ों लोग फ्लोराइड से प्रभावित है। पांच हजार से ज्यादा छात्र फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे है। यहा के स्कूलों में जिला प्रशासन ने फ्लोराइड सोलर रिमूवल प्लांट लगाने की घोषणा भी कर चुकी लेकिन अभी तक काम शुरू नही हुआ।

कहा कि 28 अगस्त 2018 को एन जी टी ने अपने आदेश में टाक्सिलाजिकल लैब की स्थापना कराने का आदेश दिया था। लेकिन शासन- प्रशासन चार साल बाद भी आदेश का पालन नहीं करा सकी। आगे कहा कि क्षेत्र में ही नही पूरे पूर्वांचल में प्रदूषण प्रभावित मरीजों की जांच की सुविधा नहीं है ऐसे में सैकड़ों लोग जांच नही करा पाते है। यदि आदेश का पालन हो गया होता तो जांच की सुविधा मिलती और लोग दवा इलाज करा पाते। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं होता है तो वे जिला मुख्यालय पर धरना देने को बाध्य होंगे।जिसकी जिमेवारी जिला प्रशासन की होगी। प्रदर्शन करने वालो में शंभू, अतवरिया, सुनीता, बिरझन, सहोदरी, लक्ष्मण, रामदेव, असर्फी,सुखदेव,राम औतार, जींदलाल समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।






